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इस बार बेईमानी बहुत महंगी पड़ेगी- जब मीटिंग में सिर्फ पहुंचे चार सांसद तो भड़के संजय राउत, कंफर्म टूट गई उद्धव की शिवसेना

Shiv Sena-UBT Crisis: उद्धव ठाकरे की शिवसेना एक बार फिर से टूट गई है, ये आज कंफर्म हो गया। आज की मीटिंग में 6 सांसद नहीं पहुंचे, जिसके बाद संजय राउत ने उन्हें सख्त लहजे में चेतावनी दी है।

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शिवसेना UBT सांसद संजय राउत और अरविंद सावंत

Shiv Sena-UBT Crisis: आज दिल्ली में बुलाई गई मीटिंग से यह तो कंफर्म हो गया है कि उद्धव ठाकरे की शिवसेना टूट गई है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने आज व्हिप जारी करके सांसदों को मीटिंग के लिए बुलाया था, लेकिन यहां बागी सांसद नहीं पहुंचे। शिवसेना की इस मीटिंग में सिर्फ तीन सांसद पहुंचे, जबकि 6 सांसद गायब रहे। मीटिंग से गायब रहने वालों सांसदों को शिवसेना नेता संजय राउत ने सख्त चेतावनी दी है। राउत ने कहा है कि इस बार बेईमानी बहुत महंगी पड़ेगी।

मीटिंग में कौन पहुंचे?

शिवसेना (UBT) के सांसद अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे ने बैठक में हिस्सा लिया, साथ ही पार्टी के एकमात्र राज्यसभा सांसद संजय राउत भी इस मीटिंग में मौजूद थे। बाकी छह सांसदों जो मीटिंग में नहीं पहुंचे वो हैं- संजय पाटिल, संजय देशमुख, नागेश पाटिल अष्टीकर,

ओमराजे निंबालकर, भाऊसाहेब वाकचौरे और संजय जाधव।

क्या बोली पार्टी?

शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने कहा, “हमारे लोकसभा नेताओं, अरविंद सावंत और हमारे शिवसेना लोकसभा सांसद अनिल देसाई ने आज सुबह 11 बजे सांसदों की एक बैठक बुलाई थी। उस बैठक में लोकसभा के तीन सांसद उपस्थित थे… जो सदस्य इस बैठक में शामिल नहीं हुए, उन्हें बख्शा नहीं जा रहा है। हम इसे पार्टी अनुशासन के रूप में स्वीकार नहीं करते; इसे पार्टी के नियमों के उल्लंघन के रूप में देखा जा रहा है। उनके खिलाफ कार्रवाई पहले ही शुरू हो चुकी है। उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा, उनसे जवाब मांगा जाएगा और हम उन्हें अयोग्य घोषित कराने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।”

उन्होंने आगे कहा, “हम उन्हें गद्दार, बेईमान और धोखेबाज लोग कहते हैं। इस बार बेईमानी बहुत महंगी पड़ेगी। आप अभी भी पार्टी के सदस्य हैं। आपने हमारी पार्टी के नाम और सिंबल पर चुनाव लड़ा था। अगर आपने पार्टी व्हिप का उल्लंघन किया है, तो आपके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।”

क्या होगा शिवसेना का भविष्य?

लोकसभा में शिवसेना (यूबीटी) के नौ सदस्य हैं और अलग गुट बनाने के लिए कम से कम दो-तिहाई सांसदों की जरूरत होगी। अनिल देसाई, राजाभाऊ वाजे और अरविंद सावंत, उद्धव खेमे के साथ हैं, जबकि बाकी छह सांसद संजय पाटिल, संजय देशमुख, ओमप्रकाश राजे निंबालकर, भाऊसाहेब वाकचौरे, नागेश पाटिल-आष्टीकर और संजय जाधव अलग खेमे में हैं। अगर बागी गुट का एक भी सांसद इस बैठक में शामिल हो गया तो उस गुट को अलग दल की मान्यता नहीं मिल सकती।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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