Shivsena UBT Crisis: शिवसेना (यूबीटी) सांसदों में मची खींचतान के बीच उद्धव ठाकरे ने कई विधायकों से बातचीत की है और राजनीतिक हालात की ली जानकारी। सूत्रों के मुताबिक उद्धव ठाकरे ने हाल ही में पार्टी के कुछ विधायकों से फोन पर बातचीत की है। इस दौरान उन्होंने विधायकों का हालचाल जानने के साथ-साथ राज्य के मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम की जानकारी भी ली। सूत्रों का कहना है कि 19 जून को शिवसेना के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले ‘शिवगर्जना मेळावा’ में उद्धव ठाकरे कई महत्वपूर्ण राजनीतिक मुद्दों पर अपना पक्ष रख सकते हैं।
उद्धव ठाकरे ने पार्टी विधायकों की बैठक बुलाई
सूत्रों के अनुसार 22 जून को मुंबई स्थित शिवालय में उद्धव ठाकरे ने पार्टी विधायकों की बैठक बुलाई है, जिसमें संगठनात्मक और राजनीतिक रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है। हालांकि पार्टी की ओर से इन बैठकों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। बताया जा रहा है कि उद्धव के साथ सिर्फ 20 विधायक ही रहे गए हैं। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि पार्टी का क्या भविष्य होगा?
विधायक भी छोड़ रहे साथ
साफ जाहिर है कि उद्धव ठाकरे को अब विधायकों की टूट का डर सता रहा है। नौ में से छह सांसदों के पहले ही पार्टी का दामन छोड़ने की खबरें हैं। कल नई दिल्ली में हुई संजय राउत की प्रेस कांफ्रेंस में सिर्फ 3 सांसद ही पहुंचे। इससे साफ हो गया कि शिवसेना यूबीटी में गंभीर संकट मंडरा रहा है। सांसदों के बाद अब विधायक भी पार्टी छोड़ने की तैयारी में दिख रहे हैं।
संजय राउत ने क्या-क्या कहा?
नई दिल्ली में संजय राउत ने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) सांसदों के पार्टी छोड़ने के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। राउत ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र के सांसदों को 15 करोड़ रुपये में खरीदा जा रहा है। संजय राउत ने कहा कि अगर टीएमसी और शिवसेना (यूबीटी) जैसी पार्टियां विभाजित हो जाती हैं तो चुनाव लड़ने का कोई मतलब नहीं है। गौर करने लायक बात है कि शिवसेना (यूबीटी) के 9 लोकसभा सांसदों में से केवल तीन - अनिल देसाई, राजभाऊ वाजे और अरविंद सावंत - संजय राउत की प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए।
राउत ने 2022 के विद्रोह का जिक्र करते हुए कहा कि अगर पार्टी में विभाजन दोहराया गया तो महाराष्ट्र के लोग और शिवसेना (यूबीटी) सांसद चुप नहीं बैठेंगे। राउत ने बागियों से कहा कि उद्धव ठाकरे और शिवसेना (यूबीटी) कार्यकर्ताओं ने सांसदों की जीत सुनिश्चित करने के लिए कड़ी मेहनत की; अगर आप पाला बदलना चाहते हैं तो इस्तीफा दे दें।
राउत ने खोया आपा
इस दौरान संजय राउत आपा खो बैठे और सांसदों के लिए अपशब्द कहे। उन्होंने मीडिया से इसे ना काटने की भी अपील की। साथ ही कहा कि ये लोग बेईमान हैं और बेईमानी इनके खून में है। ऐसा लगने लगा है। मैं किसी पार्टी या व्यक्ति का नाम नहीं ले रहा हूं।
संजय राउत ने कहा, हमने उनको टिकट दिया, चुनाव लड़ने के लिए पैसा दिया। महाराष्ट्र की जनता हर बार चुप नहीं बैठेगी। यह क्या तमाशा बनाकर रखा है आप लोगों ने? जिसको जाना है वह इस्तीफा दे दे। आपको वोटर ने चुनकर भेजा है, हमने आपको MP बनाया। हमारा व्हिप जारी हो गया है, कल हमारी मीटिंग है 11:00 बजे। अभी तक तो हमारा दल एक है, मैं जानता हूं कि सभी साथ हैं। इनमें से कई सांसद हैं जिन्होंने साई बाबा और माता भवानी की शपथ ली। अपनी मां की शपथ लेने वाले भी लोग हैं। वे लोग ऐसी बात कहते हैं और बेईमानी कर रहे हैं। जो चाहे आप कर लीजिए हम उन्हें छोड़ेंगे नहीं।
