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Congress presidential Election: थरूर को अपनों ने भी दिया दगा... आखिर क्यों G-23 कर रहा 'विरोधी' खड़गे का समर्थन

  • Agency by: Agency
  • Updated Oct 14, 2022, 10:55 AM IST

Congress presidential Election: मल्लिकार्जुन खड़गे की जब उम्मीदवारी की घोषणा हुई और उन्होंने नॉमिनेशन फॉर्म भरा, तभी ये साफ हो गया था कि शशि थरूर का अपना जी-23 ग्रुप उनका साथ छोड़ चुका है। कांग्रेस के जिन नेताओं ने खड़गे की उम्मीदवारी का प्रस्ताव दिया था, उनमें से कई नेता जी 23 ग्रुप से थे।

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शशि थरूर का अपनों ने भी छोड़ा साथ (फाइल फोटो)

Photo : BCCL
KEY HIGHLIGHTS
  • कांग्रेस अध्यक्ष के लिए 17 अक्टूबर को मतदान और 19 को रिजल्ट
  • जीते कोई भी इस बार कांग्रेस का अध्यक्ष दक्षिण भारत से तय
  • गांधी परिवार ने कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव से बना रखी है दूरी

Congress presidential Election: कांग्रेस के अध्यक्ष पद के लिए 17 अक्टूबर को वोटिंग होनी है। इसका रिजल्ट 19 अक्टूबर को घोषित किया जाएगा। इस चुनाव में लड़ाई कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और सांसद शशि थरूर के बीच है। हालांकि चुनाव से पहले ही दावा किया जा रहा है कि खड़गे की जीत निश्चित है। इसके कई कारण है। पहला इन्हें गांधी परिवार की पसंद बताया जा रहा है, दूसरा शशि थरूर का अपना ही गुट जिसे कांग्रेस में जी-23 (G-23) कहा जाता है, खड़गे के समर्थन में उतर गया है।

जी-23 की कहानी

शशि थरूर कांग्रेस के उन बागी नेताओं की लिस्ट में शामिल थे, जिन्होंने अगस्त 2020 में कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए परिवर्तन की मांग की थी। इसके लिए सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखी गई थी। इस चिट्ठी के बाद बवाल हुआ और ये नेता गांधी परिवार के करीबियों के निशाने पर आ गए। इनमें से कई नेता आज पार्टी छोड़ चुके हैं। कोई दूसरी पार्टी में शामिल हो गया तो किसी ने अपनी पार्टी बना ली, लेकिन कुछ अभी भी कांग्रेस में हैं और विरोध का बिगुल बजाते रहते हैं। इस ग्रुप के नेताओं में से एक कपिल सिब्बल सपा में जा चुके हैं, गुलाम नबी आजाद अपनी पार्टी बना चुके हैं। इन्हीं दोनों को इस ग्रुप का नेतृत्वकर्ता कहा जाता था।

कौन-कौन थे जी-23 में

इस ग्रुप में गुलाम नबी आजाद, शशि थरूर, मनीष तिवारी, कपिल सिब्बल, आनंद शर्मा, भूपेंद्र सिंह हुड्डा, राजिंदर कौर भट्टल, एम वीरप्पा मोइली, पीजे कुरियन, रेणुका चौधरी, मिलिंद देवड़ा, मुकुल वासनिक, जितिन प्रसाद, अखिलेश प्रसाद सिंह, कौल सिंह ठाकुर, कुलदीप शर्मा, राज बब्बर, योगानंद शास्त्री, अरविंदर सिंह लवली, संदीप दीक्षित, अजय सिंह, विवेक तन्खा और पृथ्वीराज चव्हाण का नाम शामिल था।

इस चुनाव में क्या हुआ

जी-23 गुट की सबसे बड़ी मांग थी अध्यक्ष पद पर चुनाव हो। अब चुनाव हो रहा है। इस ग्रुप से सबसे पहले शशि थरूर ने चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी। इसके मनीष तिवारी का नाम भी हवा में उछला, मुकुल वासनिक के नाम पर भी अटकलें लगीं, लेकिन थरूर के अलावा और कोई चुनावी मैदान में नहीं उतरा। लगा कि जी-23 अपने समूह के नेता शशि थरूर का ही समर्थन करेगा, लेकिन हुआ उलट और उसने 'विरोधी' मल्लिकार्जुन खड़गे को शुरू में ही समर्थन देने की घोषणा कर दी। ये घोषणा थरूर के लिए एक बहुत बड़ा झटका था।

क्या कहा जी-23 गुट ने

जी-23 गुट में जो नेता बच गए हैं उनमें बड़े नामों में से एक मनीष तिवारी ने कहा कि कांग्रेस में स्थिरता के लिए वो लोग खड़गे का समर्थन कर रहे हैं। मनीष तिवारी ने कहा- "खड़गे ने कई साल बिताए हैं, पार्टी में सबसे निचले पदों से ऊपर की ओर बढ़े हैं। कांग्रेस को स्थिरता की जरूरत है जो मुझे लगता है कि ये खड़गे प्रदान कर सकते हैं..."

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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