Shashi Tharoor: संसद के मानसून सत्र में कांग्रेस सांसद शशि थरूर को लेकर पार्टी में संग्राम के आसार दिख रहे हैं। सूत्रों का दावा है कि थरूर ने ऑपरेशन सिंदूर के मुद्दे पर कांग्रेस को साफ-साफ कह दिया है कि वह ऑपरेशन सिंदूर पर वही बात कहेंगे जो कहते रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस लीडरशिप ने थरूर से बहस में शामिल होने के लिए कहा था, जिस पर थरूर ने कहा कि वह ऑपरेशन सिंदूर पर सरकार की आलोचना करने वाली पार्टी लाइन का पालन नहीं कर सकते।
कांग्रेस सूची में शशि थरूर का नाम नहीं
लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के लिए कांग्रेस के स्पीकर में शशि थरूर का नाम नहीं है। लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा की शुरुआत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे वही विपक्ष की तरफ से उपनेता गौरव गोगोई करेंगे। कांग्रेस की तरफ से जारी लिस्ट में प्रियंका गांधी वाड्रा, दीपेंद्र हुड्डा, प्रणीति शिंदे, सप्तगिरी उलाका, बिजेंद्र एस ओला शामिल हैं। इसके बाद इस बात को लेकर चर्चा होने लगी की कांग्रेस ने स्पीकर में शशि थरूर का नाम क्यों नहीं रखा।
ऑपरेशन सिंदूर सफल रहा और उसी रुख पर कायम रहूंगा
थरूर ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर सफल रहा और वे उसी रुख पर कायम रहेंगे। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, तिरुवनंतपुरम के सांसद शशि थरूर से लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर बोलने के लिए नेता विपक्ष के कार्यालय/डिप्टी लीडर ने संपर्क किया था। हालांकि थरूर ने कहा कि वह वही बोलेंगे जो अब तक कहते आ रहे हैं और उससे अलग नहीं हो सकते। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें ऑपरेशन सिंदूर सफल लगा और वह वही बात कहेंगे। लेकिन उन्हें बताया गया कि उन्हें पार्टी लाइन का पालन करना होगा, इसलिए थरूर ने बोलने से इनकार कर दिया।
थरूर के पार्टी से मतभेद
हाल ही में सांसद शशि थरूर ने कहा था कि उनके कांग्रेस नेताओं से मतभेद जगजाहिर हैं। कांग्रेस कार्य समिति (CWC) के सदस्य शशि थरूर ने कहा था कि पार्टी नेतृत्व में कुछ नेताओं से उनके मतभेद हैं। नीलांबुर निर्वाचन क्षेत्र में उपचुनाव के के दौरान थरूर ने संवाददाताओं से कहा कि कांग्रेस, उसके मूल्य और उसके कार्यकर्ता उन्हें बहुत प्रिय हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने 16 वर्ष तक पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ निकटता से मिलकर काम किया है और वह उन्हें अपना करीबी मित्र व भाई मानते हैं।
कहा- कांग्रेस नेतृत्व में कुछ लोगों से मेरी राय अलग
थरूर ने कहा, हालांकि, कांग्रेस नेतृत्व में कुछ लोगों से मेरी राय अलग है। आप जानते हैं कि मैं किस बारे में बात कर रहा हूं, क्योंकि उनमें से कुछ मुद्दे सार्वजनिक हैं और आपने (मीडिया ने) इस बारे में खबरें दी हैं। उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि उनके मतभेद राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ हैं या प्रदेश नेतृत्व के साथ।
