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भारत-अमेरिका संबंधों में आए तनाव पर प्रवासी भारतीयों की चुप्पी से शशि थरूर हैरान, जताई चिंता

शशि थरूर ने कहा कि अगर आप अपनी मातृभूमि के साथ संबंधों की परवाह करते हैं, तो आपको इसके लिए लड़ना होगा, इसके लिए बोलना होगा और अपने राजनीतिक प्रतिनिधियों पर भारत के लिए खड़े होने के लिए दबाव डालने का अधिक प्रयास करना होगा।

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शशि थरूर ने दी अमेरिका में भारतीय प्रवासियों को नसीहत (PTI)

Shashi Tharoor- कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने अमेरिका द्वारा हाल ही में उठाए गए सख्त कदमों के मद्देनजर भारतीय-अमेरिकी समुदाय की चुप्पी पर चिंता जताई। मंगलवार को राजधानी में पांच सदस्यीय अमेरिकी कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए थरूर ने भारत और अमेरिका के संबंधों में तनाव पैदा करने वाले मुद्दों पर भारतीय-अमेरिकी समुदाय की आश्चर्यजनक चुप्पी पर चिंता व्यक्त की। थरूर ने कहा कि प्रवासी भारतीयों को अपने हितों के लिए और अधिक मुखर होना होगा।

भारतीय-अमेरिकी प्रवासी इतना चुप क्यों हैं?

बैठक के बाद थरूर ने संवाददाताओं से कहा, मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि हमने जो मुद्दे उठाए, उनमें से एक यह था कि भारतीय-अमेरिकी प्रवासी इस सब पर इतना चुप क्यों हैं। उन्होंने आगे कहा, एक महिला सांसद ने कहा कि उनके कार्यालय में किसी भी भारतीय-अमेरिकी मतदाता का एक भी फोन कॉल नहीं आया है जिसमें उनसे नीति में बदलाव का समर्थन करने के लिए कहा गया हो, और यह आश्चर्यजनक है।

प्रवासी समुदाय को और अधिक मुखर होना होगा

थरूर ने कहा कि दौरे पर आए सांसदों- सभी डेमोक्रेट, जिनमें से चार कैलिफोर्निया से हैं और जिनका नेतृत्व भारतीय मूल की कांग्रेसी अमी बेरा कर रही हैं, उसने भारत में गहरी रुचि जताई और भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी के लिए द्विदलीय समर्थन दोहराया। थरूर ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने रिश्तों के बारे में बहुत गर्मजोशी और सकारात्मकता से बात की, लेकिन प्रवासी समुदाय का और अधिक मुखर होना भी उतना ही अहम है। अगर आप अपनी मातृभूमि के साथ संबंधों की परवाह करते हैं, तो आपको इसके लिए लड़ना होगा, इसके लिए बोलना होगा और अपने राजनीतिक प्रतिनिधियों पर भारत के लिए खड़े होने के लिए दबाव डालने का अधिक प्रयास करना होगा।

भारत-अमेरिका संबंधों में आईं रुकावटें

इस बैठक की पृष्ठभूमि में द्विपक्षीय संबंधों में हाल ही में आई कई रुकावटें हैं, जिनमें नए एच-1बी वीजा आवेदनों पर एकमुश्त 1,00,000 डॉलर का शुल्क लगाने का अमेरिका का फैसला, परिधानों और रत्नों जैसे भारतीय निर्यातों पर उच्च शुल्क, और ईरान में चाबहार बंदरगाह के भारत के विकास को प्रभावित करने वाले प्रतिबंध शामिल हैं। थरूर ने जोर देकर कहा कि मेहमान पहले से ही भारत के मित्र हैं, भारत के प्रति अच्छे विचार रखते हैं और उनके आश्वासन नीतिगत मतभेदों के बावजूद साझेदारी की मजबूत नींव को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा, उनसे जो सबसे महत्वपूर्ण संदेश निकला, वह यह था कि अमेरिकी कांग्रेस सहित अधिकांश अमेरिकी जनमत भारतीय संबंधों के प्रति बहुत दृढ़ता से प्रतिबद्ध है।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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