मुंबई: जाति और धर्म के नाम पर देश भर में हो रही हिंसा पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के अध्यक्ष शरद पवार ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हर किसी को उन शक्तियों से लड़ने की जरुरत है। जो जानबूझकर देश में सामाजिक और सांप्रदायिक विभाजन के लिए उकसा रही हैं। नहीं तो हमारा जीवन ध्वस्त हो जाएगा। शरद पवार ने महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में एक कार्यक्रम में देश पर शासन करने वाली कुछ शक्तियां समाज में जाति और धर्म के आधार पर तनाव भड़का कर इसे पीछे की ओर ले जा रही हैं। वे सत्ता का इस्तेमाल लोगों के कल्याण के लिए नहीं, बल्कि उनके बीच विभाजन पैदा करने के लिए कर रहे हैं। एनसीपी चीफ ने कहा कि चुनौती इन शक्तियों के खिलाफ लड़ने की है, अन्यथा आम आदमी तबाह हो जाएगा। कुछ ताकतें देश को 50 साल पीछे ले जाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि अहमदनगर प्रगतिशील जिला है, इसके बावजूद हाल में शेवगांव में सामाजिक तनाव पैदा हुआ।
कर्नाटक चुनाव रिजल्ट से लगता है धीरे-धीरे बदल रही है स्थिति
पवार ने कहा कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजे बताते हैं कि स्थिति धीरे-धीरे बदल रही है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में आम आदमी की सरकार ने कमान संभाली है। कल मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने वाले एक लाख लोगों में से 70 प्रतिशत समाज के विभिन्न तबकों के युवा थे। नए मुख्यमंत्री सभी को साथ लेकर कमजोर वर्गों के हितों की रक्षा के लिए काम करेंगे।
मजदूर वर्ग मजबूत और एकजुट रहेगा तो अन्य चुनावों में भी बदलेगी स्थिति
शरद पवार ने कहा कि अगर श्रमिक वर्ग मजबूत और एकजुट रहता है, तो कर्नाटक विधानसभा चुनावों में जो देखा गया, उसे देश में अन्य जगहों पर भी दोहराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अगर मजदूर वर्ग मजबूत और एकजुट रहता है, तो कर्नाटक विधानसभा चुनावों में जो देखा गया, उसे देश में अन्य जगहों पर भी दोहराया जा सकता है। कर्नाटक में हाल में हुए विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को हराकर 5 साल के अंतराल के बाद सत्ता में वापसी की।
