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रेप मामले में JDS के पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना को झटका, केस दूसरे कोर्ट में भेजने की मांग वाली अर्जी SC ने की खारिज

प्रज्वल रेवन्ना ने कर्नाटक हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें MP/MLA कोर्ट से केस ट्रांसफर करने की मांग को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था। रेप केस मामले में रेवन्ना ने निचली अदालत पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए MP/MLA कोर्ट से दूसरे सेशन कोर्ट मे ट्रायल ट्रांसफर किए जाने की मांग की थी।

Prajawa revanna

रेप केस में प्रज्वल रेवन्ना को लगा एससी से झटका। तस्वीर-PTI

Photo : PTI

Prajwal Revanna rape case: रेप मामले में जनता दल (सेक्युलर) के पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है। इस मामले में निचली अदालत में चल रही एक सुनवाई को दूसरी कोर्ट मे ट्रांसफर किए जाने की मांग वाली अर्जी सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को खारिज कर दी। मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की पीठ ने कहा कि जिस जज ने रेवन्ना को एक मामले में दोषी ठहराया है, वह लंबित मामलों की सुनवाई करते समय उस फैसले से प्रभावित नहीं होंगे।

हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी

प्रज्वल रेवन्ना ने कर्नाटक हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें MP/MLA कोर्ट से केस ट्रांसफर करने की मांग को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था। रेप केस मामले में रेवन्ना ने निचली अदालत पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए MP/MLA कोर्ट से दूसरे सेशन कोर्ट मे ट्रायल ट्रांसफर किए जाने की मांग की थी। रेवन्ना ने मौजूदा सेशन कोर्ट के जज के खिलाफ भी भेदभाव का आरोप लगाया था। प्रज्वल को रेप के एक दूसरे मामले मे पहले ही MP/MLA की स्पेशल कोर्ट ने दोषी ठहराया था और उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

दुष्कर्म मामले में रेवन्ना को हुई उम्रकैद

बता दें कि पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना को 48 साल की महिला से दुष्कर्म मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। प्रज्वल के खिलाफ पिछले साल यौन शोषण के चार मामले दर्ज किए गए थे। प्रज्वल पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के पोते हैं। रिपोर्टों के मुताबिक प्रज्वल के खिलाफ अभियोजन पक्ष ने 1632 पन्नों की चार्जशीट, इलेक्ट्रॉनिक और गैर-इलेक्ट्रॉनिक सबूत के साथ 183 डॉक्यूमेंट पेश किए। अदालत ने इस साल 2 मई को मामले की सुनवाई शुरू की और मामले को पूरा करने के लिए नियमित बैठक की। यह मामला उजागर होने पर खूब सियासी हंगामा हुआ।

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गौरव श्रीवास्तव
गौरव श्रीवास्तव author

टीवी न्यूज रिपोर्टिंग में 10 साल पत्रकारिता का अनुभव है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से लेकर कानूनी दांव पेंच से जुड़ी हर खबर आपको इस जगह मिलेगी। साथ ही चुना... और देखें

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