देश

महात्मा गांधी के परपोते ने की अभिजीत दिपके से मुलाकात, कहा- Gen Z ने अपनाए बापू के मूल्य

तुषार गांधी ने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवाओं द्वारा किया गया आंदोलन इस बात का सबूत है कि Gen Z ने गांधीजी के नाम या प्रतीकों के बजाय उनके वास्तविक आदर्शों और सत्याग्रह के मार्ग को अपनाया है।

Image

तुषार गांधी ने की अभिजीत दिपके से मुलाकात

Tushar Gandhi Meets Abhijit Dipke: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के परपोते और प्रसिद्ध गांधीवादी विचारक तुषार गांधी ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक और युवा नेता अभिजीत दिपके से महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर स्थित उनके आवास पर एक खास मुलाकात की। इस बैठक के दौरान तुषार गांधी ने कहा कि देश की जेनरेशन जेड (Gen Z) यानी आज की युवा पीढ़ी ने महात्मा गांधी के मूल विचारों और मूल्यों को सही मायने में अपनाया है।

महात्मा गांधी को स्मारकों और प्रतीकों तक सीमित किया

तुषार गांधी ने कहा कि अब तक महात्मा गांधी को केवल स्मारकों और प्रतीकों तक सीमित कर दिया गया था। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि 'स्वच्छ भारत अभियान' में बापू के चश्मे का लोगो तो लगाया गया, लेकिन इसमें आंतरिक स्वच्छता गायब थी। उन्होंने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवाओं द्वारा किया गया आंदोलन इस बात का सबूत है कि Gen Z ने गांधीजी के नाम या प्रतीकों के बजाय उनके वास्तविक आदर्शों और सत्याग्रह के मार्ग को अपनाया है। तुषार गांधी ने इस आंदोलन की तुलना सत्याग्रह से करते हुए कहा कि लंबे अंतराल के बाद देश में एक बड़ा युवा आंदोलन खड़ा हुआ है। उन्होंने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि उनके जीवनकाल में देश का युवा जागृत हुआ है, जिससे उन्हें बेहद खुशी है।

Gen Alpha भी पूछ रही सवाल

उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस आंदोलन की सफलता का ही असर है कि अब 'जेनरेशन अल्फा' (Gen Alpha) भी अपने अधिकारों और समस्याओं को लेकर सरकार से सवाल पूछ रही है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने कहा था कि नीट (NEET) और छात्र प्रदर्शनों के दौरान पुलिस द्वारा कोई हिंसा नहीं की गई, तुषार गांधी ने तीखा पलटवार किया। तुषार गांधी ने आरोप लगाया कि किरेन रिजिजू एक सरकारी प्रतिनिधि होने के नाते झूठ बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि 20 जुलाई को 'चलो संसद' मार्च के दौरान दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज और बल प्रयोग के बावजूद युवाओं ने जिस धैर्य का परिचय दिया, उसकी सराहना की जानी चाहिए।

अभिजीत दिपके का पलटवार

तुषार गांधी से मुलाकात के बाद CJP के संयोजक अभिजीत दिपके ने प्रदर्शनकारियों को 'अराजक', 'राष्ट्रविरोधी' या 'हिंसक' बताने वाले आलोचकों पर करारा हमला बोला। बोस्टन यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट दिपके ने कहा कि महात्मा गांधी के परिवार का उनके साथ खड़ा होना ही उनकी देशभक्ति, अहिंसा और शांतिप्रिय होने का सबसे बड़ा सबूत है। दीपके ने कहा कि उनका आंदोलन इसलिए सफल हुआ क्योंकि वे महात्मा गांधी के रास्ते पर चले और यह साबित कर दिया कि बापू के विचार कभी खत्म नहीं हो सकते। जब दुनिया गांधीजी से सीखती है, तो भारत के युवाओं को किसी अन्य देश की ओर देखने की जरूरत नहीं है।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article