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Sensex में 2 सेकंड में हुई करोड़ों की हेराफेरी! SEBI ने दो फर्म को किया बाजार से बाहर

नए क्लोजिंस सिस्टम CAS के दौरान SENSEX में महज 2 सेकंड के भीतर करोड़ों की हेराफेरी की गई। SEBI ने इस मामले में कड़ा एक्शन लेते हुए दो फर्म को बाजार से बाहर कर दिया है।

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सेंसेक्स की एक्सपायरी के दिन हुई हेराफेरी

SEBI Action on Sensex Closing Auction Session Manipulation : शेयर बाजार के नियामक सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया यानी SEBI ने Sensex के नए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) में कथित हेरफेर के मामले में दो फर्म के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। सेबी ने Copthall Mauritius Investment और Mansi Share and Stock Broking को शेयर बाजार से बाहर कर दिया है। सेबी ने इन दोनों फर्मों को बाजार से सिर्फ बाहर ही नहीं किया है। बल्कि, हेरफेर के जरिये कमाए गए ₹3.68 करोड़ के प्रॉफिट को भी वसूलने का का आदेश दिया है। यह मामला 13 अगस्त, 2026 के सेंसेक्स एक्सपायरी डे का है। यह CAS लागू होने के बाद SEBI की शुरुआती बड़ी कार्रवाई है।

Sensex में अचानक आए 3 बड़े उछाल

SEBI की जांच में CAS के दौरान Sensex में तीन तेज उछाल सामने आए। पहला उछाल 15:23:16 से 15:23:26 के बीच देखा गया। इसके बाद 15:24:08 से 15:24:20 के बीच Sensex करीब 132.67 points उछला। तीसरे उछाल में 15:25:49 से 15:26:17 के बीच इंडेक्स में करीब 405.08 अंक की तेजी आई। SEBI के मुताबिक ये बदलाव सिर्फ 2 से 28 सेकंड की बेहद छोटी अवधि में हुए। खास बात यह रही कि इन तेज उछालों के बीच Sensex की ओवरऑल ट्रेजेक्टरी नीचे की तरफ थी। जब इसकी जांच की गई, तो गड़बड़ी सामने आई और यह एक्सपायरी डे पर डेरिवेटिव्ज (ऑप्शन) की पोजिशन से जुड़ा मामला निकला।

इन फर्मों ने क्या किया?

SEBI के मुताबिक CASमें Copthall ने Sensex के स्टॉक्स में करीब ₹191.29 करोड़ के ग्रॉस बाय ऑर्डर लगाए। यह पूरे ग्रॉस बाय वैल्यू का का करीब 86.6% था। इसकी वजह से इंडेक्स में बड़ा उछाल आया। जांच में सामने आया कि पहले स्पाइक के दौरान लगाए गए 88 बाय ऑर्ड में करीब ₹66.64 करोड़ की वैल्यू थी। इसमें अकेले Copthall का हिस्सा लगभग ₹66.58 करोड़ यानी 99.91% था। उसकी ओर से 32 लिमिट बाय ऑर्ड रेफरेंस प्राइस से 3% ऊपर लगाए गए और ये Sensex के सभी स्टॉक्स में फैले थे। इसके बाद दूसरे स्पाइक में Copthall का बाय ऑर्डर वैल्यू में हिस्सा करीब 96.09% और तीसरे स्पाइक में करीब 85.21% रहा। SEBI का कहना है कि इन आक्रामक ऑर्डर ने Sensex के इंडेकेटिव इक्विलिब्रिम प्राइस यानी IEP को प्रभावित किया। इनका संबंध Copthall की लॉन्ग कॉल और शॉर्ट पुट पोजिशन से दिखाई देता है।

Mansi ने लगाए बिकवाली के ऑर्डर

दूसरी तरफ SEBI ने Mansi की ट्रेडिंग एक्टिविटी को भी संदिग्ध पाया। 15:21:03 से 15:24:59 के बीच Mansi ने Sensex के 8 स्टॉक्स में कुल 12.65 लाख शेयर के आक्रामक सेल ऑर्डर लगाए। इनमें करीब 7.05 लाख शेयर रेफरेंस प्राइस से 2.5% नीचे के भाव पर रखे गए थे। SEBI के मुताबिक इन ऑर्डर से Sensex के IEP को कुछ समय के लिए दबाने की कोशिश हुई और इससे Mansi की एक्सपायरी डे की पुट पोजिशन को फायदा हुआ। खास बात यह रही कि कुल 12.65 लाख शेयर के सेल ऑर्डर को बाद में 15:26:02 से 15:26:05 के बीच कुछ ही सेकंड में केंसिल कर दिया गया।

₹3.68 करोड़ का फायदा

SEBI ने शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस हेरफेर की वजह से Copthall को करीब ₹2.96 करोड़ और Mansi का करीब ₹71.65 लाख का प्रॉफिट हुआ। दोनों को मिलाकर यह रकम करीब ₹3.68 करोड़ रुपये कमाए। इसी रकम को फिलहाल वसूलने का आदेश दिया गया है। इसके साथ ही दोनों बाजार से बैन कर दिया गया है।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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