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दिल्ली आ रहे चीनी रक्षा मंत्री, गलवान झड़प के बाद पहली बार भारत-चीन के बीच होगी सीधी बात

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Apr 23, 2023, 06:59 AM IST

SCO Defence Ministers Meeting: गलवान हिंसा के बाद यह पहली बार है कि जब चीनी रक्षा मंत्री भारत दौरे पर होंगे। वह अपने भारतीय समकक्ष राजनाथ सिंह के साथ शंघाई सहयोग संगठन देशों के रक्षा मंत्रियों की बैठक में भाग लेंगे।

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भारत आएंगे चीनी रक्षा मंत्री

Photo : AP

SCO Defence Ministers Meeting: भारत और चीन सीमा पर तनाव के बीच चीनी रक्षा मंत्री अगले सप्ताह भारत आ रहे हैं। 2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद यह पहली बार है जब चीनी रक्षा मंत्री भारत का दौरा करेंगे। साथ ही पहली बार वह भारतीय विदेश मंत्री राजनाथ सिंह का सामना करने वाले हैं।

जानकारी के मुताबिक, अगले सप्ताह नई दिल्ली में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के सदस्य देशों के रक्षा मंत्रियों (SCO Defence Ministers’ meeting)की बैठक होने वाली है। यह बैठक 27 व 28 अप्रैल को होगी। चीनी रक्षा मंत्री ली शांगफू और रूसी रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु की ओर से बैठक में शामिल होने की पुष्टि की गई है। दोनों नेता अन्य सदस्य देशों के समकक्षों के साथ बैठक का हिस्सा बनेंगे। रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार रूसी रक्षा मंत्री भी भारत यात्रा पर होंगे।

पाकिस्तान की ओर से नहीं मिला कोई जवाब

भारत ने इस बैठक के लिए पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ को भी निमंत्रण भेजा है, लेकिन उनकी ओर से बैठक में शामिल होने की अभी तक पुष्टि नहीं की गई है। हालांकि, इस बैठक के बाद एससीओ सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक गोवा में होनी है, जिसमें पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी भाग लेंगे। बता दें, एससीओ के सदस्य देश भारत, रूस, चीन, किर्गिज गणराज्य, कजाकिस्तान, ताजिकिस्तान, उजबेकिस्तान और पाकिस्तान हैं।

राजनाथ करेंगे बैठक की अध्यक्षता

एससीओ रक्षा मंत्रियों की बैठक की अध्यक्षता भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करने वाले हैं। इस बैठक में में बैठक में आतंकवाद, क्षेत्रीय सुरक्षा और अफगानिस्तान में सुरक्षा स्थिति से संबंधित मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। बैठक के बाद भारत और चीन के बीच सीमा विवाद का मुद्दा भी उठ सकता है। बता दें, गलवान हिंसा के बाद दोनों देशों के रिश्ते बेहद कमजोर दौर से गजर रहे हैं और सीमा पर दोनों देशों की ओर से तल्खी बरकरार है।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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