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OROP एरियर पर SC की दो टूक-कानून हाथ में नहीं ले सकती सरकार, पहले अधिसूचना वापस लें फिर हम आपकी सुनेंगे

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated Mar 13, 2023, 02:07 PM IST

OROP Arrears : सरकार की ओर से अदालत में पेश अटॉर्नी जनरल आर व्यंकटरमानी ने कहा कि सरकार ने पूर्व सैन्यकर्मियों के ओआरओपी एरियर की पहली किस्त का भुगतान कर दिया है लेकिन अगली किस्तों का भुगतान करने के लिए उसे थोड़े और समय की जरूरत है। पीठ ने व्यंकटरमानी से कहा, 'पहले आप 20 जनवरी की अपनी अधिसूचना वापस लें। इसके बाद हम आपकी अर्जी पर सुनवाई करेंगे।'

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OROP एरियर पर सुप्रीम कोर्ट से रक्षा मंत्रालय को फिर मिली फटकार।

Photo : PTI

OROP Arrears : केंद्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट से एक बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने सोमवार को कहा कि वन रैंक वन वेंशन (OROP) के बकाए (एरियर) का भुगतान चार किस्तों में करने के लिए अधिसूचना जारी कर रक्षा मंत्रालय कानून अपने हाथ में नहीं ले सकता। प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस पीएस नरसिम्हा एवं जस्टिस जेबी पारदीवाला की पीठ ने रक्षा मंत्रालय से 20 जनवरी को जारी अपनी अधिसूचना तत्काल वापस लेने के लिए कहा है। सरकार ने अपनी इस अधिसूचना में कहा है कि वह बकाए का भुगतान चार किस्तों में करेगी।

सरकार ने कहा-पहली किस्त का भुगतान किया

सरकार की ओर से अदालत में पेश अटॉर्नी जनरल आर व्यंकटरमानी ने कहा कि सरकार ने पूर्व सैन्यकर्मियों के ओआरओपी एरियर की पहली किस्त का भुगतान कर दिया है लेकिन अगली किस्तों का भुगतान करने के लिए उसे थोड़े और समय की जरूरत है। पीठ ने व्यंकटरमानी से कहा, 'पहले आप 20 जनवरी की अपनी अधिसूचना वापस लें। इसके बाद हम आपकी अर्जी पर सुनवाई करेंगे।'

कोर्ट ने कहा-अधिसूचना उसके आदेश के खिलाफ

पीठ ने कहा कि रक्षा मंत्रालय की 20 जनवरी की अधिसूचना उसके आदेश के खिलाफ है। कोर्ट ने अटॉर्नी जनरल से भुगतान किए जाने वाले एरियर, इसकी प्रकिया एवं प्राथमिकता पर नोट तैयार करने के लिए कहा है। कोर्ट ने कहा कि हम चाहते हैं कि एरियर के भुगतान में एक तरीका हो जैसे कि वृद्ध पेंशनर्स को सबसे पहले एरियर मिलना चाहिए। अदालत ने आगे कहा कि एरियर के भुगतान से संबंधित यह कानूनी लड़ाई जब से चल रही है तब से चार लाख से ज्यादा पेंशनर्स की मौत हो चुकी है।

रक्षा मंत्रालय को पहले भी लग चुकी है फटकार

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट इंडियन एक्स-सर्विसमेन मूवमेंट (आईईएसएम) की ओर से दायर अर्जी पर सुनवाई कर रहा है। इस अर्जी में रक्षा मंत्रालय की 20 जनवरी की अधिसूचना को खारिज करने की मांग की गई है। इससे पहले गत 27 फरवरी को कोर्ट ने ओआरओपी एरियर के भुगतान में देरी होने पर रक्षा मंत्रालय की खिंचाई की। कोर्ट ने एरियर के भुगतान में उसकी ओर से तय समयसीमा बढ़ाए के लिए अधिसूचना जारी करने पर संबंधित सचिव से सफाई मांगी।
आलोक कुमार राव
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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