Rahul Gandhi's Savarkar Comment: सुप्रीम कोर्ट ने वीर सावरकर पर दिए गए बयान के लिए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की आलोचना की है। कोर्ट ने शुक्रवार को स्वतंत्रता सेनानियों को लेकर गैर जिम्मेदाराना बयान न देने की नसीहत दी। शीर्ष अदालत ने कहा कि खुद महात्मा गांधी ने सावरकर को सम्मान दिया था, वहीं उनकी दादी इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री रहते हुए सावरकर की प्रशंसा करते हुए उनको खत लिखा था। सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी को आगाह करते हुए कहा कि आप स्वतंत्रता सेनानियों के इतिहास को समझे बिना इस तरह का बयान नहीं दे सकते हैं।
इस तरह का फिर बयान दिया तो स्वत: संज्ञान लेंगे
सुप्रीम कोर्ट ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर आगे से राहुल गांधी ने ऐसा बयान दिया था तो हम स्वतः संज्ञान लेकर सुनवाई करेंगे। जिन स्वतंत्रता सेनानियों ने हमें आजादी दिलाई आप उनके प्रति ऐसा बर्ताव कैसा कर सकते हैं। कल को आप महात्मा गांधी को अंग्रेजों का नौकर बता देंगे, क्योंकि उन्होंने वायसराय को लिखे पत्रों में 'योर फेथफुल सर्वेंट' लिखा था।
हाई कोर्ट ने राहत देने से मना किया
राहुल गांधी ने लखनऊ की कोर्ट से समन को रद्द करने की मांग की है। इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने 4 अप्रैल 2025 को राहुल गांधी को राहत देने से मना कर दिया था। लखनऊ के रहने वाले वकील नृपेंद्र पांडे ने राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। इसमें बताया गया है कि 17 दिसंबर 2022 को महाराष्ट्र के अकोला में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल ने वीर सावरकर को अंग्रेजों का नौकर और पेंशन लेने वाला कहा। कई मौकों पर कोर्ट के समन के बावजूद पेश नहीं हुए हैं। पेश नहीं होने पर जुर्माना भी लग चुका है।
