Court News: क्या समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क को संभल हिंसा मामले में अदालत से राहत मिलेगी? इस सवाल का जवाब तो मामले की सुनवाई के बाद ही मिल पाएगा। उत्तर प्रदेश के संभल में हुई हिंसा मामले में सपा सांसद जियाउर्रहमान मुख्य आरोपी हैं। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने इस मामले में उनकी गुहार सुन ली है। अदालत ने उनकी याचिका स्वीकार कर ली है। उन्होंने याचिका में अदालत से अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने की अपील की है।
संभल सांसद की याचिका पर अदालत में सुनवाई कब?
जियाउर्रहमान बर्क ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल कर ये अपील की है कि उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द किया जाए। उनकी याचिका पर सुनवाई के लिए अदालत ने मंजूरी दे दी है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अगले साल 2 जनवरी को मामले की सुनवाई की जाएगी। सूत्रों के हवाले से ये भी जानकारी सामने आई है कि संभल पुलिस उनकी इस अपील का अदालत में विरोध करेगी और सांसद के खिलाफ सबूत अदालत में पेश करेगी।
सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क पर क्या है आरोप?
सांसद जियाउर्रहमान पर आरोप है कि उनके भड़काऊ सांसद के कारण ही संभल की शाही जामा मस्जिद में सर्वे के दौरान हिंसा भड़की थी। पुलिस ने ये आरोप लगाए हैं। हालांकि सपा सांसद ने अदालत में दायर किए अपनी याचिका में ये हवाला दिया है कि वो एक पढ़े-लिखे इंसान हैं, उन्होंने ये दावा किया कि इस हिंसा से उनका कोई कनेक्शन नहीं है। उन्होंने ये भी अपील की है कि उनके खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर को रद्द कर दिया जाना चाहिए।
स्थानीय कोर्ट के आदेश पर बीते 24 नवंबर को संभल में शाही जामा मस्जिद के सर्वेक्षण के दौरान हिंसा भड़क गई थी। इस दौरान चार लोगों की मौत हो गई थी, जबकि करीब दो दर्जन लोग घायल हो गए थे।
सपा सांसद के खिलाफ बिजली चोरी का मुकदमा दर्ज
हाल ही में उत्तर प्रदेश के संभल में सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क के घर बिजली विभाग की छापेमारी के बाद बिजली चोरी का मुकदमा दर्ज कर किया गया। बताया जा रहा है कि जांच में गड़बड़ी मिली है। बिजली विभाग ने सपा सांसद के खिलाफ बिजली चोरी का मामला दर्ज कराया। इसके साथ ही उनके सहयोगियों पर विभाग के अधिकारियों को भी धमकाने का आरोप लगा।
विभाग की तरफ से दी गई तहरीर में लिखा गया कि दिनांक 19 दिसम्बर को प्रातः 7.30 बजे लगभग विद्युत उपभोक्ता जियाउर रहमान पुत्र ममलूक रहमान निवासी मो. दीपा सराय बल्ले के पुलिया थाना नखासा जिला संभल पर 2 किलोवाट घरेलू सयोजन पर परिसर की जांच करने पर कुल विद्युत भार 16480 वाट पाया गया। विद्युत परीक्षण शाला से प्राप्त उक्त उपभोक्ता के मीटर की जांच करने पर मीटर की एमआरआई रिपोर्ट में पुष्टि होने के उपरान्त यह स्पष्ट होता है कि मीटर को बाईपास कर अवैध रूप से विद्युत का प्रयोग कर विद्युत चोरी की गई है। अतः उक्त उपभोक्ता के विरुद्ध विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आवश्यक कार्यवाही करने की की जाए।
एएसपी श्रीशचन्द्र ने बताया था कि बिजली विभाग ने बताया कि बिजली की जांच के दौरान सपा सांसद के पिता ने धमकाया है। इस क्रम में तहरीर प्राप्त की जा रही है। साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। एक अधिकारी ने बताया कि बिजली विभाग ने सांसद बर्क पर बिजली चोरी के आरोप में 1.91 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया और बिजली चोरी के आरोप में उनके आवास की बिजली आपूर्ति भी काट दी गई।
