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संभल मस्जिद विवाद पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, निचली अदालत के सर्वे के आदेश को मस्जिद कमेटी ने दी चुनौती

Breaking News: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में बीते रविवार को शाही जामा मस्जिद में सर्वेक्षण के दौरान हुई हिंसा के बाद अब ये मामला सुप्रीम कोर्ट की चौखट पर पहुंच गया है। मस्जिद कमेटी की ओर से याचिका दाखिल की गई है। इसके तहत कोर्ट द्वारा दिए गए सर्वे के आदेश को चुनौती दी गई है।

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संभल मस्जिद विवाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।

Sambhal Mosque Dispute Case: संभल की जामा मस्जिद के सर्वे को लेकर छिड़े घमासान के बीच बड़ी जानकारी सामने आई है। अब ये विवाद देश की सर्वोच्च अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट की चौखट पर पहुंच गया है। शुक्रवार को जामा मस्जिद की सर्वेक्षण रिपोर्ट भी अदालत में पेश की जानी है। इसे लेकर मुस्लिम और हिंदू पक्ष के वकीलों ने तैयारी पूरी कर ली है।

संभल मस्जिद विवाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचा

मस्जिद कमेटी ने याचिका दाखिल की है। जिसके जरिए ⁠निचली अदालत के सर्वे के आदेश को चुनौती दी गई है। इस याचिका के तहत ⁠निचली अदालत के फैसले पर तुंरत रोक लगाने की मांग की गई है। इसमें कहा गया है कि ये असाधारण मामला है इसलिए अदालत द्वारा असाधारण कदम उठाया जाए।

Sambhal mosque dispute

सुप्रीम कोर्ट में संभल मस्जिद विवाद।

संभल में अभी तक इंटरनेट पर प्रतिबंध जारी

संभल (यूपी) में पथराव की घटना को लेकर मुरादाबाद संभाग के संभागीय आयुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने कहा, "अभी तक इंटरनेट पर प्रतिबंध जारी है। हम कल एक बार फिर इस पर समीक्षा करेंगे और उसके बाद उसके अनुसार निर्णय लिया जाएगा।" उन्होंने कहा, "...हमारे यहां कुल 16 कंपनियां तैनात हैं; बाहर से बल मंगाया गया है, हमारा स्थानीय पुलिस बल भी यहां है, बल भी स्टैंडबाय पर हैं...यह व्यवस्था जारी रहेगी, खासकर संभल के लिए। जब तक स्थिति पूरी तरह से सामान्य नहीं हो जाती, हम हर स्थान पर नजर रखेंगे।"

आंजनेय कुमार सिंह कहते हैं, "कल जुमे की नमाज के मद्देनजर आज हमारे सभी अधिकारियों ने फोर्स के साथ मार्च पास्ट किया। हमने लोगों के साथ बैठकें भी की हैं, शांति समितियों और विभिन्न मस्जिदों के मौलवियों के साथ भी बैठकें की गई हैं। इस बात पर आम सहमति है कि कल की नमाज शांतिपूर्वक अदा की जाए। सभी अपनी-अपनी मस्जिदों में नमाज अदा करेंगे। इन सबके बावजूद हम सतर्क हैं। उस दिन हुई घटना (पथराव की) के संबंध में साक्ष्य एकत्र करने जैसे महत्वपूर्ण काम एक अलग टीम द्वारा किए जा रहे हैं। यहां संभल में आवश्यक फोर्स तैनात की गई है। सभी संवेदनशील इलाकों में फोर्स तैनात की गई है। आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। सभी ने आश्वासन दिया है कि कल हर जगह शांतिपूर्वक नमाज अदा की जाएगी। हमारे मंडल के सभी 5 जिलों में इस बारे में सतर्कता है। हम यह भी सुनिश्चित करने के लिए निगरानी कर रहे हैं कि बाहरी ताकतें यहां प्रवेश न कर पाएं। हम सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर भी नजर रख रहे हैं, जिनके जरिए लोग भड़काते हैं या अफवाह फैलाते हैं।"

जुमे की नमाज के लिए संभल में सुरक्षा के कड़े इंतजाम

उत्तर प्रदेश के संभल जिले में गत रविवार को शाही जामा मस्जिद में सर्वेक्षण के दौरान हुई हिंसा के बाद पुलिस ने जुमे (शुक्रवार) की नमाज से एक दिन पहले बृहस्पतिवार को मस्जिद के पास के इलाकों में फ्लैग मार्च किया। संभल में कल जुमे की नमाज के साथ-साथ जामा मस्जिद की सर्वेक्षण रिपोर्ट भी अदालत में पेश की जानी है। इसे लेकर मुस्लिम और हिंदू पक्ष के वकीलों ने तैयारी पूरी कर ली है। संभल शहर में जनजीवन पटरी पर आ रहा है। लोगों में सुरक्षा की भावना पैदा करने के लिये बृहस्पतिवार को अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) श्रीश चंद्र के नेतृत्व में पुलिस दल ने व्यस्त बाजारों में गश्त किया। रविवार को हुई हिंसा के बाद संभल नगर की ज्यादातर दुकानें पहली बार खुली।

एएसपी ने बताया कि स्थिति पूरी तरह से शांतिपूर्ण और सामान्य है। शुक्रवार की नमाज को लेकर सुरक्षा तैयारियों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, 'क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है और हम किसी भी तरह की स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।' चंद्र ने बताया कि स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन ने जुमे की नमाज के संबंध में स्थानीय मुस्लिम धर्मगुरुओं के साथ बैठक की है। हिंदू पक्ष के वकील श्रीगोपाल शर्मा ने शुक्रवार को अदालत में सुनवाई और ‘एडवोकेट कमिश्नर’ द्वारा जामा मस्जिद की सर्वेक्षण रिपोर्ट पेश किये जाने के बारे में पूछे जाने पर कहा, 'मुस्लिम पक्ष को जवाब देना है। उसके बाद हम प्रत्युत्तर देने की तैयारी करेंगे। मुस्लिम पक्ष के जवाब देने के बाद ही हम अपनी आगे की रणनीति तय करेंगे।' वहीं, मुस्लिम पक्ष के वकील शकील अहमद वारसी ने बताया, 'हमारी पूरी तैयारी है। हमारे पास अपना पक्ष साबित करने के पूरे सुबूत हैं जिन्हें हम कल अदालत में पेश करेंगे।'

इस बीच, शाही जामा मस्जिद के इमाम आफताब हुसैन वारसी ने उम्मीद जताते हुए कहा कि संभल में जल्द ही पहले की ही तरह अमन कायम होगा। उन्होंने कहा, 'अल्लाह अमन शांति कायम रखें जैसे पहले था। मुझे उम्मीद है कि सब जल्दी ही सही हो जाएगा।' संभल के शहर काजी कारी मोहम्मद अलाउद्दीन अजमली ने कहा, 'मैं संभल के लोगों से अपील करता हूं कि सभी लोग अपने-अपने मोहल्लों की मस्जिदों में नमाज पढ़ें। शहर में आसपास के गांव से और बाहर से आने वाले लोग अपने-अपने इलाके की मस्जिदों में ही नमाज पढ़ें।'

उन्होंने कहा, 'हम चाहते हैं कि संभल में जल्द ही अमन शांति कायम हो। हमने पुलिस अधिकारियों से अपील की है कि कोई भी गिरफ्तारी कानून के खिलाफ ना हो।' संभल में अदालत के आदेश पर 19 नवंबर को जामा मस्जिद के पहली बार किये गये सर्वेक्षण के बाद से ही तनाव की स्थिति बनी हुई है। अदालत ने यह आदेश जिस याचिका पर दिया है उसमें दावा किया गया है कि जिस जगह पर जामा मस्जिद है वहां पहले कभी हरिहर मंदिर था। पिछले रविवार को मस्जिद का दोबारा सर्वेक्षण किये जाने के दौरान हिंसा भड़क उठी थी। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प में चार लोगों की मौत हो गयी थी तथा 25 अन्य जख्मी हो गये थे। सर्वेक्षण की रिपोर्ट 29 नवंबर को अदालत में पेश किए जाने की उम्मीद है।

हालांकि शहर में हालात लगभग सामान्य हो चुके हैं लेकिन मस्जिद के पास के बाजारों में कारोबारियों का दावा है कि घटना के बाद से उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा नुकसान मस्जिद से आधा किलोमीटर दूर स्थित सर्राफा बाजार में स्थित सर्राफा दुकान मालिकों को हुआ है। सर्राफा व्यापारी अजय कुमार गुप्ता ने बताया कि सर्राफा बाजार में 70-80 से ज्यादा दुकानें हैं। उन्होंने कहा, “शादी-ब्याह का सीजन होने के बावजूद हमारी बिक्री में काफी गिरावट आई है। पिछले चार दिनों में मेरी दुकान पर मुश्किल से तीन ग्राहक आए हैं।” उन्होंने दावा किया कि रविवार की हिंसा के बाद सर्राफा बाजार को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है।

इलेक्ट्रॉनिक दुकान के मालिक खुशनवाज ने कहा, 'हम खाली बैठे हैं और हिंसा के बाद से कमाई करना मुश्किल हो रहा है।' ‘ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन फेडरेशन’ के जिला अध्यक्ष राजीव वार्ष्णेय ने कहा, 'यह घटना बहुत दुखद है। ऐसी घटनाओं में सबसे ज्यादा नुकसान व्यापारियों को होता है। लोग डर की वजह से बाहर नहीं आते, जिससे कारोबार प्रभावित होता है।' इस बीच, पुलिस रविवार को हुई हिंसा की जांच कर रही है। मामले में तीन अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है जिसके बाद घटना में गिरफ्तार किए गए लोगों की कुल संख्या 31 हो गई। पुलिस सूत्रों के अनुसार हिंसा के मामले में फैजान, मोहम्मद अली और रेहान को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उनके कब्जे से 300 देसी बंदूकें, तीन खोखे और बर की सात गोलियां भी बरामद कीं। पुलिस सूत्रों ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए 30 टीमें बनाई गई हैं। कोट गर्वी इलाके से कथित दंगाइयों की 100 से ज्यादा तस्वीरें जारी की गई हैं।

संभल में बाजार और स्कूल फिर से खुलने के बावजूद बुधवार को 'एहतियाती उपाय' के तौर पर इंटरनेट पर पाबंदी की अवधि को 48 घंटे के लिए और बढ़ा दिया गया है। पिछले रविवार को जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई हिंसा में चार लोगों की मौत हो गयी थी। उनकी पहचान नईम, बिलाल, नोमान और कैफ के रूप में हुई है। पुलिस ने इस मामले में सात मुकदमे दर्ज कर अब तक 31 लोगों को गिरफ्तार किया है। एक मुकदमे में संभल से समाजवादी पार्टी के सांसद जिया-उर-रहमान बर्क और संभल सदर सीट से पार्टी के विधायक इकबाल महमूद के बेटे सुहेल इकबाल को नामजद किया गया है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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