Sambhal: उत्तर प्रदेश के संभल जिले की शाही जामा मस्जिद को लेकर सियासी घमासान मचा हुआ है। इस बीच, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टाउम्स नाउ नवभारत के एक कार्यक्रम में संभल मामले को लेकर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि पुराणों में संभल का जिक्र है। संभल में मीर बाकी ने श्रीहरि का मंदिर तोड़कर वहां पर एक मस्जिद बनाई है।
CM योगी ने क्या कुछ कहा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम लोग हर जगह मंदिर नहीं निकालना चाहते हैं, लेकिन जहां पर मंदिर पर उसको समाज के सामने उजागर जरूर करना चाहते हैं। संभल एक सच्चाई है... तीन लाख की आबादी वाले कस्बे में हर माह पौने 200 करोड़ रुपये की बिजली चोरी होती थी। दुर्भाग्य से मस्जिदों के ऊपर एक प्रकार के अस्थायी सबस्टेशन बनाकर वहां से कनेक्शन बांटे जाते थे और वहां से वे लोग वसूली करते थे और यह वसूली पॉवर स्टेशन नहीं करता था।
उन्होंने कहा कि हम लोगों ने 4 मस्जिदों को पकड़ा, जहां से 200-300 कनेक्शन बांटे गए थे और वे लोग वसूली करते थे। उत्तर प्रदेश के पावर कार्पोरेशन को एक साल में 46,000 करोड़ रुपये के नुकसान पर है... और अगले साल तक यह नुकसान 60,000 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा। लाइन नुकसान बहुत ज्यादा है। अकेले संभल कस्बे में 90 फीसद बिजली की चोरी होती थी और यह व्यवस्था तो ठीक करनी ही थी।
उन्होंने कहा कि यह उस उपभोक्ता के साथ अन्याय है, जो उपभोक्ता समय पर अपना पैसा समय जमा करते हैं, लेकिन उसी कस्बे में रहकर चंद लोग बिजली तो चोरी करते ही थे, लेकिन बिजली की चोरी धंधा कर रहे थे... यह धंधा तो रुकना ही चाहिए था। हम लोगों ने यह काम किया है।
'मीर बाकी ने मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाई'
मुख्यमंत्री योगी ने ओवैसी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि भारत के पौराणिक ग्रंथ हमारे सामने इस बात के प्रमाण हैं कि श्रीहरि विष्णु का 10वां अवतार कहां पैदा होना है। 3500 वर्ष से 5000 वर्ष के दौरान ग्रंथों की रचना हुई है। इस्लाम का जन्म हुए 1400 वर्ष हुए हैं, हमें इससे कोई आपत्ति नहीं है। आइन-ए-अकबरी में उल्लेख है कि संभल में मीर बाकी ने श्रीहरि का मंदिर तोड़कर वहां पर एक मस्जिद बनाई है।
उन्होंने कहा कि पुराणों के बारे में हो सकता है कि ओवैसी या अन्य लोगों को भरोसा न हो, लेकिन कम से कम आइन-ए-अकबरी देखें। वह तो इस बात का उल्लेख कर रहा है और वहां पर जो कुछ भी उत्खनन में सामने आ रहा है, वह इस बात को प्रमाणित करता है कि वहां पर कोई पौराणिक नगरी थी। पुरातात्विक अवेशषों के आधार पर हम कह सकते हैं कि यह संभल नगरी वही है, जो पुराण उल्लेख करता है। परंपरागत लोगों की आस्था वहां पर है। अगर यह तमाम चीजें वहां पर सामने आ रही हैं तो मुझे लगता है कि उनको इस सच्चाई को स्वीकार करने की हिम्मत भी करनी चाहिए।
