देश

'भगवा आतंकवाद कहने वालों के मुंह हुए काले...' मालेगांव बम विस्फोट मामले में बरी हुई साध्वी प्रज्ञा का आया बयान

Sadhvi Pargya Singh Thakur: 2008 के मालेगांव बम विस्फोट मामले में NIA की विशेष अदालत द्वारा साध्वी प्रज्ञा सहित सभी आरोपियों को बरी करने के बाद भाजपा नेता साधवी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने रविवार को कहा कि भगवा आतंकवाद कहने वालों के मुंह काले हुए हैं।

Image

अदालत का फैसला भगवा आतंकवाद कहने वालों के मुंह पर तमाचा : साध्वी प्रज्ञा (ANI)

Photo : ANI

Malegaon Bomb Blast: मालेगांव बम विस्फोट मामले में बरी की गईं भारतीय जनता पार्टी (BJP) की पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने रविवार को कहा कि अदालत का फैसला हिन्दुत्व की जीत और भगवा आतंकवाद कहने वालों के मुंह पर करारा तमाचा है। अदालत के फैसले के बाद पहली बार भोपाल पहुंचीं ठाकुर ने यहां राजा भोज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह हिन्दुत्व और धर्म की विजय है, भगवा की विजय है। हमारे शास्त्रों में कहा गया है सत्यमेव जयते, यह सिद्ध हुआ है। भगवा आतंकवाद कहने वालों के मुंह काले हुए हैं। भोपाल की पूर्व सांसद ने कहा कि उनको (भगवा आतंकवाद कहने वालों) समाज ने और देश ने बहुत अच्छे से जवाब दिया है। अदालत का निर्णय स्पष्ट है और वह विरोधियों तथा भगवा आतंकवाद कहने वालों के मुंह पर तमाचा है।

29 सितंबर 2008 को हुआ था विस्फोट

महाराष्ट्र में नासिक जिले के मालेगांव में 29 सितंबर 2008 को हुए विस्फोट में छह लोग मारे गए थे और 101 घायल हो गए थे। विशेष अदालत ने ठाकुर और लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित समेत सभी सातों आरोपियों को 30 जुलाई को बरी करते हुए कहा था कि उनके खिलाफ कोई विश्वसनीय और ठोस सबूत नहीं हैं। भोपाल स्थित आवास पर ठाकुर के पहुंचने के बाद उनका फूल-मालाओं और ढोल-नगाड़ों के साथ स्वागत किया गया और मिठाइयां भी बांटी गईं। ठाकुर ने एक बार फिर वह आरोप दोहराया, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि जांच अधिकारियों ने उन्हें प्रताड़ित किया और उन पर कई लोगों के नाम लेने का दबाव बनाया गया। उन्होंने कहा कि दबाव था लेकिन मैं इसमें आई नहीं। मैंने किसी का भी झूठा नाम नहीं लिया। इसलिए मुझे इतना प्रताड़ित किया गया।

ठाकुर ने शनिवार को मुंबई में दावा किया था कि जांच अधिकारियों ने उन्हें प्रताड़ित किया था और उनसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समेत कई लोगों के नाम लेने को कहा था। ऐसा पहली बार है जब ठाकुर ने यह सनसनीखेज दावा किया, जिसका एनआईए की विशेष अदालत के 1036 पृष्ठों के फैसले में कोई उल्लेख नहीं है। ठाकुर शनिवार को कुछ औपचारिकताएं पूरी करने के लिए सत्र अदालत में पेश हुईं। अदालत के बाहर पत्रकारों के साथ बातचीत में उन्होंने दावा किया कि पूछताछ के दौरान उन्हें प्रताड़ित किया गया था। विशेष न्यायाधीश ए.के. लाहोटी ने अपने फैसले में ठाकुर के यातना और दुर्व्यवहार के दावों को खारिज किया है।

Shashank Shekhar Mishra
Shashank Shekhar Mishraauthor

शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

और पढ़ें
End of Article