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भारत-नामीबिया दोस्ती का नया प्रतीक बनकर उभरा है चीता : एस जयशंकर

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated Jun 7, 2023, 02:49 PM IST

S Jaishankar Namibia Visit : अपने नामीबिया दौरे के अंतिम चरण में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस अफ्रीकी देश के साथ भारत के रिश्तों में आई मजबूती का जिक्र किया। विदेश मंत्री ने भारत सरकार के प्रोजेक्ट चीता का जिक्र करते हुए कहा कि 'यह भारत और नामीबिया के बीच दोस्ती का एक नया प्रतीक बनकर उभरा है।'

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भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर।

Photo : ANI

S Jaishankar Namibia Visit : अपने नामीबिया दौरे के अंतिम चरण में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस अफ्रीकी देश के साथ भारत के रिश्तों में आई मजबूती का जिक्र किया। विदेश मंत्री ने भारत सरकार के प्रोजेक्ट चीता का जिक्र करते हुए कहा कि 'यह भारत और नामीबिया के बीच दोस्ती का एक नया प्रतीक बनकर उभरा है।' अपनी नामीबिया यात्रा की समाप्ति पर जयशंकर ने कहा, 'आज कई सारी चीजें हैं जो भारत और नामीबिया को एक साथ जोड़ती हैं। अब इसमें फुर्तीला चीता भी शामिल हो गया है। यह दोनों समाज की जगहों पर सहज हो गया है। भविष्य की यह हमारी दोस्ती का एक प्रतीक बनकर उभरा है।'

कूनो पार्क में यहां के चीतों को नया घर मिला-जयशंकर

उन्होंने आगे कहा, 'मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क के रूप में नामीबिया के चीतों को एक नया घर मिला है। भारत के लोगों की दिलचस्पी यहां के चीतों में बढ़ गई है।' विदेश मंत्री ने कहा कि दो देशों के बीच की दोस्ती लोगों के बीच बढ़ते संपर्कों से परवान चढ़ती है। यहां भारतीय कला एवं संस्कृति में लोगों की काफी दिलचस्पी है। यह बात महसूस की जा रही है कि दोनों देश अपनी परंपरा एवं विरासत को आगे ले जाने के लिए उत्सुक हैं।

'दोनों देशों के बीच व्यापार-निवेश बढ़ा'

विदेश मंत्री ने कहा, 'भारत और नामीबिया में व्यापार एवं निवेश बढ़ रहा है। दोनों देशों का कारोबार बढ़कर करीब 30 करोड़ डॉलर पर जा पहुंचा है। जहां तक निवेश की बात है तो भारत की 22 कंपनियां यहां के हीरा कारोबार से जुड़ी हैं। ये कंपनियां बिजनेस मॉडल खड़ा करने के लिए यहां के नागरिकों को प्रशिक्षित भी कर रही हैं। भारत के लिए यह गर्व की बात है।'

अफ्रीकी देशों के साथ अपने रिश्ते मजबूत बना रहा भारत

एस जयशंकर ने आगे कहा कि नामीबिया में भारत की सेना एवं वायु सेना दोनों मौजूद हैं। भारतीय सेना ने अलग-अलग तरीकों से अभियान चलाने में नामीबिया के सुरक्षा बलों की मदद की है। हमें उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में भारत इस देश की रक्षा जरूरतों को कर पाएगा। बता दें कि विदेश मंत्री एस से छह जून तक अफ्रीकी देशों-दक्षिण अफ्रीका और नामीबिया के दौरे पर थे। चीन की चुनौती की काट तैयार करने के लिए भारत अफ्रीकी देशों के साथ अपने संबंधों को मधुर एवं प्रगाढ़ बना रहा है।

आलोक कुमार राव
आलोक कुमार राव author

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारो... और देखें

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