S Jaishankar France G7 Meeting: विदेश मंत्री एस जयशंकर फ्रांस के दो दिवसीय दौरे पर हैं। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच उन्होंने गुरुवार को पेरिस में जी7 विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने जी7 एफएमएम में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार पर जोर दिया।
बैठक में किन मुद्दों पर हुई चर्चा?
जी7 विदेश मंत्रियों की बैठक फ्रांस के अब्बाय डेस वॉक्स-डे-सेर्ने में हो रही है। एक सोशल मीडिया पोस्ट में डॉ. जयशंकर ने कहा कि बैठक में ग्लोबल गवर्नेंस सुधार प्रमुख मुद्दा रहा। उन्होंने वैश्विक शासन में सुधार को लेकर बातचीत की। उन्होंने ऊर्जा चुनौतियों, उर्वरक आपूर्ति और खादृय सुरक्षा को लेकर ग्लोबल साउथ के देशों की चिंताओं को विशेष रूप से उठाया।
जयशंकर ने विशेष रूप से ग्लोबल साउथ के देशों से जुड़े मुद्दों को उठाया, जिनमें ऊर्जा संकट, उर्वरक की कमी और खाद्य सुरक्षा शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं का समाधान वैश्विक स्तर पर सामूहिक प्रयासों से ही संभव है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर क्या हुई बात?
इस बैठक में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल और गैस के जहाजों की आवाजाही को फिर से सुचारू रूप से चलाने पर चर्चा हुई। बता दें कि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को रोक दिया है। इस फैसले से दुनियाभर में तेल और गैस का संकट खड़ हो चुका है।
12 देशों ने एक साथ उठाया समुद्री जहाजों की आवाजाही का मुद्दा
फ्रांसीसी नौसेना के चीफ ऑफ स्टाफ एडमिरल निकोलस वौजोर ने कहा कि उन्होंने ब्रिटेन, जर्मनी, इटली, भारत और जापान सहित 12 नौसैनिक समकक्षों के साथ बातचीत की है। उन्होंने गुरुवार को X पर लिखा, "हम नौवहन की स्वतंत्रता और समुद्री सुरक्षा से संबंधित मुद्दों पर बातचीत कर रहे हैं।
फ्रांस ने अपने विमानवाहक पोत स्ट्राइक ग्रुप को पूर्वी भूमध्य सागर में तैनात किया है। इसके अलावा, दो हेलीकॉप्टर वाहक और आठ युद्धपोतों को मध्य पूर्व में तैनात किया है।
