रूसी किलर मिसाइल R-37M बढ़ाएगी भारतीय लड़ाकू बेड़े की ताकत!, Mach 5+ स्पीड चीन और पाक को देगी टक्कर

भारतीय वायु सेना अपने हवाई बेड़े को शक्तिशाली बनाने के प्रयास करती रहती है। इसी क्रम में बताया जा रहा है भारत रूस के साथ बेहद एडवांस R-37M BVRAAM की डील कर सकता है। यह बेहद एडवांस है और हाइपरसोनिक स्पीड से उड़कर दुश्मन के किसी भी हवाई लक्ष्य (Air Target) को नष्ट कर सकती है। हवा से हवा में 300–400 किमी दूर तक मार करने वाली दुनिया की सबसे लंबी रेंज की AAM में से एक मानी जाती है और स्पीड की बात करें तो यह Mach 5–6 यानी (आवाज़ की गति का 5–6 गुना = हाइपरसोनिक) है।

Authored by: रवि वैश्यUpdated Nov 20 2025, 20:28 IST
​R-37M मिसाइल इतनी खतरनाक क्यों मानी जाती है?​01 / 07

​R-37M मिसाइल इतनी खतरनाक क्यों मानी जाती है?​

R-37M मिसाइल के खतरनाक माने जाने के पीछे की कुछ वजहें हैं जैसै- यह बहुत लंबी दूरी दुश्मन के AWACS को नष्ट कर सकती है और इसकी हाइपरसोनिक गति से बचना बेहद मुश्किल माना जाता है। (फोटो: Wikipedia/canva)

​दुनिया की सबसे घातक मिसाइलों में से एकImage Credit : Wikipedia/canva02 / 07

​दुनिया की सबसे घातक मिसाइलों में से एक

R-37M दुनिया की सबसे घातक Long-Range Air-to-Air Missile में से एक है। यह भारत के लड़ाकू बेड़े को खासकर चीन और पाकिस्तान के AWACS और टैंकर के खिलाफ जबरदस्त रणनीतिक बढ़त दे सकती है। ​(फोटो: Wikipedia/canva)​

​लॉन्च प्लेटफॉर्म​Image Credit : Wikipedia/canva03 / 07

​लॉन्च प्लेटफॉर्म​

MiG-31BM (मुख्य), Su-35S, Su-30SM / Su-30MKI (इंटीग्रेशन प्रस्तावित), Su-57 (टेस्टेड) यह मिसाइल दुश्मन के हाई वैल्यू टॉरगेट को नष्ट करने में सक्षम है। (फोटो: Wikipedia/canva)

​कितना वॉरहेड ले जाने में है सक्षम?Image Credit : Wikipedia/canva04 / 07

​कितना वॉरहेड ले जाने में है सक्षम?

R-37M मिसाइल का वारहेड (warhead) लगभग 60 किग्रा है। बड़े विमान तुरंत नष्ट करने की कैपेसिटी है। (प्रतीकात्मक फोटो: istock)​

​R-37M Missile की स्पीडImage Credit : Wikipedia/canva05 / 07

​R-37M Missile की स्पीड

R-37M Missile की स्पीड की बात करें तो यह Mach 5–6 यानी (आवाज़ की गति का 5–6 गुना = हाइपरसोनिक) है। ​(फोटो: Wikipedia/canva)​

​पाकिस्तान और चीन की बढ़ेगी दिक्कतें!​Image Credit : Wikipedia/canva06 / 07

​पाकिस्तान और चीन की बढ़ेगी दिक्कतें!​

मिसाइल की लक्ष्यों को निशाना बनाने की बेहतर क्षमता, भारत के पड़ोसी चीन और पाकिस्तान से खतरे को देखते हुए यह महत्वपूर्ण क्षमता देती है। माना जा रहा है कि पाकिस्तान के F-16 और चीन के J-20 स्टील्थ फाइटर प्लेन के खिलाफ भारत की स्थिति और मजबूत होगी।​(प्रतीकात्मक फोटो: istock)​​

​गाइडेंस सिस्टम कैसा है​Image Credit : Wikipedia/canva07 / 07

​गाइडेंस सिस्टम कैसा है​

मिसाइल दो चरणों में लक्ष्य को पकड़ती है:पहला चरण- मिड कोर्स गाइडेंस, इंटरनल नेवीगेशन सिस्टम (INS) मिड कोर्स रेडियो अपडेट्स। दूसरा चरण टर्मिनल गाइडेंस, एक्टिव रडार होमिंग, (मिसाइल खुद लक्ष्य को लॉक कर लेती है) ​(फोटो: Wikipedia/canva)​

End of Photo Gallery
Subscribe to our daily Newsletter!