राजघाट पर संकल्प सत्याग्रह में प्रियंका गांधी ने 32 साल पुरानी घटना का जिक्र कर कहा कि उनका भाई जनाजे के पीछे चलते चलते यहां तक पहुंचा है। उनके परिवार का अपमान किया जाता है, उनके सरनेम पर सवाल उठाया जाता है तब तो सरकार के लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती। उनका भाई जब कन्याकुमारी से लेकर श्रीनगर की यात्रा पर निकला तो सामाजिक सद्भाव बढ़ाने की कोशिश की। लेकिन उसे मीरजाफर बताया जाता है, क्या यह मानहानि नहीं है। जिस लड़ाई को वो लोग लड़ रहे हैं उसे हर हाल में मकाम तक पहुंचाएंगे। अब इस बयान के बाद बीजेपी की तरफ से प्रतिक्रिया आनी ही थी और वो आई भी। बीजेपी के राज्यसभा सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने प्रियंका गांधी के आरोपों को खारिज किया।
कांग्रेस पर निशाना
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि राहुल गांधी के लगाए गए आरोप में दम नहीं, निराधार बातें कर रहे हैं। उनके केस के दो पहलू हैं, पहला कानूनी, दूसरा राजनीतिक। अगर कानून की बात करें तो आप ऐसे समझिए कि अगर आप किसी यूनिवर्सिटी में दाखिला लेना चाहते हैं और एग्जाम कैंसिल हो जाता है कि तो आप यूनिवर्सिटी का हिस्सा नहीं हो सकते। राहुल गांधी के खिलाफ जो कार्रवाई हुई वो कानून के दायरे में है। अब बात करते है राजनीति की। राहुल गांधी और उनसे जुड़े लोगों ने पीएम मोदी के खिलाफ कितना विषवमन किया है यह बात किसी से छिपी है क्या, सरकार के खिलाफ घृणा के भाव से बयान दिए गए हैं, किसे नहीं पता। लेकिन एक बात बड़ी साफ है कि अगर कोई भी शख्स जो देश के खिलाफ बोलेगा, जो ओबीसी समाज को अपमानित करने का काम करेगा उसके खिलाफ वैचारिक हमले जरूर होंगे। हमारा स्पष्ट नजरिया विपक्ष के बारे में है, तथ्यों के साथ सरकार की आलोचना करिए कोई हर्जा नहीं। लेकिन आलोचना अगर देश की हो तो विधिक कार्रवाई जरूर होगी।
