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लाल किला आतंकी हमला: UN Report में बड़ा खुलासा - अलकायदा ने किया था धमाका, बांग्लादेश में जमा रहा पांव

संयुक्त राष्ट्र की 10 अगस्त की रिपोर्ट में पिछले साल 10 नवंबर को दिल्ली के लाल किला पर हुए आतंकी हमले के लिए AQIS को जिम्मेदार ठहराया गया है। रिपोर्ट ने संगठन के बढ़ते नेटवर्क पर भी चिंता जताई है।

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लालकिला धमाके में सामने आया अल-कायदा का नाम

दिल्ली में लाल किले के पास 10 नवंबर 2025 को हुए आतंकी हमले को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक रिपोर्ट में बड़ा दावा सामने आया है। 10 अगस्त 2026 को जारी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की Analytical Support and Sanctions Monitoring Team की रिपोर्ट में कहा गया है कि लाल किले पर हुआ हमला अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) से आधिकारिक तौर पर जोड़ा गया था।

संयुक्त राष्ट्र की यह रिपोर्ट अल-कायदा और उससे जुड़े संगठनों की गतिविधियों का आकलन करती है। रिपोर्ट में AQIS की बदलती संरचना और दक्षिण एशिया में उसके नेटवर्क के विस्तार को लेकर भी चिंता जताई गई है। दस्तावेज के मुताबिक, संगठन पहले के अपेक्षाकृत बिखरे स्वरूप से आगे बढ़कर अब एक क्षेत्रीय आतंकी इकाई के तौर पर विकसित हो रहा है।

लालकिला आतंकी हमले में कितना नुकसान हुआ

बता दें कि 10 नवंबर 2025 की शाम करीब 6.52 बजे हुए कार बम धमाके में 11 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि दर्जनों लोग घायल हुए थे। यह आतंकी धमाका लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के पास हुआ था। ज्ञात हो कि NIA ने मई 2026 में दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट की विशेष अदालत में इस मामले में करीब 7,500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। इस चार्जशीट में मुख्य आरोपी डॉ. उमर उन नबी सहित 10 आरोपियों का लिंक Ansar Ghazwat-ul-Hind से बताया गया था। NIA के मुताबिक AGuH, अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट यानी AQIS का एक ऑफशूट है।

छोटे-छोटे सेल के जरिए नेटवर्क विस्तार

रिपोर्ट में कहा गया है कि AQIS ने अपने अभियानों के लिए लॉजिस्टिक और वित्तीय नेटवर्क स्थापित किए हैं। संगठन बड़े और सेंट्रलाइज्ड समूहों के बजाय छोटे, अलग-अलग और विकेंद्रीकृत सेल के जरिए काम करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

UN मॉनिटरिंग टीम के आकलन के मुताबिक, इस तरह की विकेंद्रीकृत संरचना आतंकी संगठनों को अपनी गतिविधियों को छोटे समूहों में बांटकर संचालित करने में फायदा पहुंचा सकती है। रिपोर्ट में AQIS की क्षेत्रीय मौजूदगी और उसके नेटवर्क को लेकर सुरक्षा एजेंसियों के लिए जारी चुनौती का भी संकेत है।

बांग्लादेश को लेकर भी चिंता

रिपोर्ट में AQIS द्वारा बांग्लादेश का इस्तेमाल वहां अपने सेल स्थापित करने के लिए किए जाने की आशंका भी जताई गई है। इससे दक्षिण एशिया में संगठन के संभावित विस्तार को लेकर चिंता बढ़ गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, AQIS की गतिविधियां सिर्फ एक देश तक सीमित नहीं हैं। दस्तावेज में संगठन को क्षेत्रीय आतंकी नेटवर्क के रूप में विकसित होने वाला समूह बताया गया है। साथ ही, रिपोर्ट में AQIS को पाकिस्तान स्थित एक संगठन Ittihad-ul-Mujahideen Pakistan (IMP) की रीढ़ भी बताया गया है और उसके नाम से कई हमलों का जिक्र भी किया गया है।

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट 16 दिसंबर 2025 से 9 जून 2026 तक के समय को कवर करती है और इसमें सदस्य देशों से मिली सूचनाओं और उनके आकलनों को शामिल किया गया है।

NIA ने कर दिया था मामले का खुलासा

लालकिला धमाका मामले की जांच शुरुआत में दिल्ली पुलिस कर रही थी, बाद में NIA ने जांच अपने हाथ में ले ली। जांच के दौरान NIA ने मृत आरोपी डॉ. उमर उन नबी की पहचान DNA फिंगरप्रिंटिंग के जरिए की थी। उमर उन नबी पुलवामा का रहने वाला था और फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर ऑफ मेडिसिन के तौर पर काम कर चुका था।

आतंकी मॉड्यूल की गतिविधियां सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं थीं। NIA के मुताबिक आरोपी देश के दूसरे हिस्सों में भी अपना नेटवर्क फैलाने की तैयारी में थे। इसके लिए उन्होंने लैब से जुड़ा सामान और विशेष उपकरण भी जुटाए थे। जांच में MMO Anode, इलेक्ट्रिक सर्किट और स्विच जैसे सामान की खरीद के बारे में भी जानकारी सामने आई। इनमें से कुछ सामान ऑनलाइन और कुछ ऑफलाइन खरीदे गए थे।

अब UNSC मॉनिटरिंग टीम की रिपोर्ट में AQIS को लाल किले के पास हुए हमले से जोड़ना इस मामले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और गंभीर बना देती है। खास बात यह है कि NIA पहले ही अपनी जांच में आरोपियों के AQIS/AGuH विचारधारा से प्रभावित होने की बात कह चुकी है।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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