Ram Sutar Famous Statue: स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ समेत कई विशाल कृतियों के शिल्पकार राम वी. सुतार ने देश के सार्वजनिक कला परिदृश्य को परिभाषित किया और भारतीय शिल्पकला को वैश्विक मान्यता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सुतार का बुधवार रात को 100 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वह आधुनिक भारतीय शिल्पकला की एक महान हस्ती थे। आइए उनके द्वारा बनाई गई कुछ अद्भुत प्रतिमाओं की तस्वीरों को देखें। उन्होंने सात दशकों से अधिक के अपने करियर में कलात्मक यथार्थवाद को ऐतिहासिक गहराई के साथ मिलाकर देश की कुछ सबसे प्रतिष्ठित मूर्तियों और स्मारकों का निर्माण किया।
Ram Sutar Famous Statue: स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ समेत कई विशाल कृतियों के शिल्पकार राम वी. सुतार ने देश के सार्वजनिक कला परिदृश्य को परिभाषित किया और भारतीय शिल्पकला को वैश्विक मान्यता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।राम सुतार को ‘‘स्टैच्यू मैन’’ के नाम से भी जाना जाता था तथा कांसे एवं पत्थर पर उनकी अद्वितीय महारत के लिए उन्हें भारत और विदेश में अपार सम्मान मिला है।ॉ
हरियाणा के कुरुक्षेत्र स्थित ब्रह्म सरोवर के तट पर स्थापित अर्जुन की भव्य मूर्ति देश के महान शिल्पकार राम सुतार द्वारा बनाई गई है। यह प्रतिमा महाभारत के वीर अर्जुन के साहस और कर्तव्यबोध को दर्शाती है। भारतीय मूर्तिकला की यह कृति कुरुक्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान को और भी विशेष बनाती है।
नई दिल्ली के संसद भवन परिसर में स्थापित 16 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा को वर्ष 1993 में स्थापित किया गया था। यह प्रतिमा भारत के महान शिल्पकार राम सुतार द्वारा बनाई गई थी। प्रतिमा में देशभक्ति, नेतृत्व और लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतीक दर्शाया गया है। इसे संसद भवन के मुख्य प्रवेश मार्ग पर रखा गया है, ताकि संसद आगंतुक और अधिकारी इसे देख सकें और भारतीय कला तथा इतिहास की प्रेरणा प्राप्त कर सकें।
नई दिल्ली स्थित संसद भवन परिसर में पंडित जवाहरलाल नेहरू की 18 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा स्थापित है। यह प्रतिमा आधुनिक भारत के निर्माता माने जाने वाले नेहरू के व्यक्तित्व और नेतृत्व को दर्शाती है। कांस्य धातु से बनी यह भव्य मूर्ति भारतीय मूर्तिकला की उत्कृष्ट मिसाल मानी जाती है और संसद परिसर में लोकतंत्र, विचारों की स्वतंत्रता और राष्ट्र निर्माण की भावना का प्रतीक है।
लता मंगेशकर चौक पर स्थापित वीणा की प्रतिमा भारत की स्वर कोकिला लता मंगेशकर के संगीत को समर्पित है। इस भव्य कलाकृति का निर्माण देश के प्रसिद्ध शिल्पकार राम सुतार द्वारा किया गया है। वीणा के रूप में बनाई गई यह प्रतिमा भारतीय संगीत परंपरा, साधना और सुरों की अमर विरासत का प्रतीक मानी जाती है।
नई दिल्ली स्थित संसद भवन परिसर में स्थापित छत्रपति शिवाजी महाराज की भव्य प्रतिमा देश के प्रसिद्ध शिल्पकार राम सुतार द्वारा बनाई गई है। यह प्रतिमा शिवाजी महाराज के साहस, नेतृत्व और स्वराज्य की भावना को दर्शाती है और संसद परिसर में भारत के गौरवशाली इतिहास और राष्ट्रनायकों के सम्मान का प्रतीक मानी जाती है।
गुजरात के केवडिया में स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल की 182 मीटर ऊंची प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ के मुख्य शिल्पकार के रूप में उन्होंने वैश्विक ख्याति प्राप्त की। इस परियोजना के माध्यम से विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा का निर्माण हुआ और इसने उन्हें विशाल शिल्पकला में महारत रखने वाले कलाकार के रूप में स्थापित किया।
अयोध्या के सरयू नदी के किनारे भगवान राम की 251 मीटर ऊंची प्रतिमा बनाई जा रही है। इसकी डिजाइन भी राम सुतार ने ही दी है। भगवान राम की मूर्ति बनाने के लिए भी सुतार ने मंदिर ट्रस्ट को दो विकल्प दिए थे, जिसमें से एक प्रतिमा युद्ध की मुद्रा में थी और दूसरी प्रतिमा में भगवान राम को अयोध्या के राजा के रूप में दर्शाया गया था. जानकारी के अनुसार, ट्रस्ट ने भगवान राम के राजा स्वरूप वाली मूर्ति चुनी है