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राम मंदिर चंदा चोरी मामले में बड़ी कार्रवाई; चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव की VIP पास ID ब्लॉक

Ram Mandir VIP Darshan:आईडी निष्क्रिय होने के बाद अब इन तीनों लोगों के डिजिटल क्रेडेंशियल या सिफारिशों के माध्यम से कोई भी सुगम या विशिष्ट दर्शन पास जारी नहीं किया जा सकेगा।

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चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव की VIP पास ID ब्लॉक

Ram Mandir VIP Darshan: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पूर्व महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी अनिल मिश्रा और विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव की डिजिटल आईडी निष्क्रिय कर दी हैं। मंदिर प्रशासन से जुड़े सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।इन आईडी का इस्तेमाल वीआईपी दर्शन पास जारी करने में कथित अनियमितताओं को रोकने के उपायों के तहत किया गया है।सूत्रों के अनुसार, यह फैसला कार्यवाहक महासचिव कृष्ण मोहन की अध्यक्षता वाले नए प्रशासन ने लिया है।

आईडी निष्क्रिय होने के बाद अब इन तीनों लोगों के डिजिटल क्रेडेंशियल या सिफारिशों के माध्यम से कोई भी सुगम या विशिष्ट दर्शन पास जारी नहीं किया जा सकेगा।यह कदम राम मंदिर में कथित वित्तीय अनियमितताओं की विशेष जांच दल (SIT) द्वारा की जा रही जांच के बीच उठाया गया है।

डिजिटल आईडी का बड़ी संख्या में पास बनाने के लिए दुरुपयोग

सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी ने पाया कि ट्रस्टियों और वरिष्ठ पदाधिकारियों की डिजिटल आईडी का बड़ी संख्या में पास बनाने के लिए कथित तौर पर दुरुपयोग किया गया।सूत्रों ने बताया कि इन आईडी का इस्तेमाल उनकी सिफारिश पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए वीआईपी दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए किया जाता था।

टिन्नू यादव ने सैकड़ों अनधिकृत वीआईपी दर्शन पास बनाए

सूत्रों के मुताबिक, जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक टिन्नू यादव ने इस खामी का फायदा उठाकर सैकड़ों अनधिकृत वीआईपी दर्शन पास बनाए। सूत्रों ने बताया कि चंपत राय और अनिल मिश्रा के कुछ करीबी सहयोगी भी कथित तौर पर वीआईपी पास जारी करने के नाम पर रैकेट चलाने और अवैध रूप से लाखों रुपये कमाने के मामले में जांच के दायरे में हैं।

मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन

जून के पहले सप्ताह में राम मंदिर में दान राशि की गिनती में कथित अनियमितताएं सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया था।ट्रस्ट की सिफारिश के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था।इसके बाद एसआईटी को प्रथम दृष्टया गबन के साक्ष्य मिले, जिसके आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई और मंदिर की दान-गणना प्रक्रिया से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया।

चंपत राय ने ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया

चंपत राय ने ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसे छह जुलाई को स्वीकार कर लिया गया।उनकी जगह भारतीय वन सेवा के पूर्व अधिकारी कृष्ण मोहन को नियुक्त किया गया, जिन्होंने इस मामले में प्राथमिकी भी दर्ज कराई थी।ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने भी इस्तीफा दे दिया है जबकि ट्रस्ट के विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव को उनकी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया है।प्राथमिकी में इन तीनों में से किसी को भी आरोपी नहीं बनाया गया है। हालांकि, कुछ विपक्षी दलों और समाज के कुछ वर्गों ने मंदिर प्रशासन से जुड़े वरिष्ठ पदों पर उनकी भूमिकाओं को देखते हुए उनसे जवाबदेही की मांग की।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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