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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: ड्राइवर से कहीं ज्यादा ताकतवर था टिन्नू यादव, तस्वीरें हैं गवाह,मंदिर में हर जगह थी पहुंच

राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस आरोपी टिन्नू यादव की तस्वीरें और वीडियो बता रहे हैं कि मंदिर परिसर में उसका बेरोकटोक आना-जाना था। वह राम मंदिर निर्माण कार्य से लेकर वीआईपी आयोजनों तक सक्रिय भूमिका निभाता रहा है।

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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: ड्राइवर से कहीं ज्यादा ताकतवर था टिन्नू यादव, तस्वीरें हैं गवाह,मंदिर में हर जगह थी पहुंच

राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस आरोपी टिन्नू यादव को लेकर सामने आए कुछ वीडियो और फोटोज ने कई राज खोले हैं। मंदिर के हर बड़े कार्यक्रम में उसकी मौजूदगी दिखी है। वहीं टिन्नू राम मंदिर निर्माण कार्य से लेकर वीआईपी आयोजनों तक सक्रिय भूमिका निभाता रहा है। बता दें कि वो चंपत राय का ड्राइवर था पर उसका जलवा किसी से छिपा नहीं है।

चढ़ावा चोरी केस आरोपी टिन्नू यादव की तस्वीरें और वीडियो बता रहे हैं कि मंदिर परिसर में उसका बेरोकटोक आना-जाना था। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि टिन्नू क्या सिर्फ चम्पत राय का ड्राइवर था, या ट्रस्ट के भीतर उसका खास रसूख था?

मंदिर में बेरोकटोक कहीं भी आ जा सकता था

उसकी तस्वीरें और वीडियो साफ बता रहे है की एक मामूली ड्राइवर मंदिर निर्माण से लेकर मंदिर के बड़े कार्यक्रम में भी महत्वपूर्ण भूमिका में होता था। टिन्नू यादव, मंदिर में बेरोकटोक कहीं भी आ जा सकता था उसकी तस्वीरें अब खुद गवाही दे रही हैं।

Tinnu Yadav in Ram Temple

Tinnu Yadav in Ram Temple

टिन्नू यादव की ये तस्वीरें और वीडियो साफ गवाही दे रही हैं

राम जन्मभूमि मंदिर मे चोरी करने के 8 आरोपियों में से एक आरोपी रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव की ये तस्वीरे और वीडियो साफ गवाही दे रहीं हैं कि टिन्नू यादव महज चंपत राय का ड्राइवर ही नही था बल्कि उसका रसूख कद और जलवा मंदिर में किसी बड़े ओहदे के अधिकारी या ट्रस्ट में महत्वपूर्ण शख्स से कम नही लग रहा है।

Ram Temple Theft Accused Tinnu Yadav

Ram Temple Theft Accused Tinnu Yadav

अविनाश शुक्ला को इस पूरे प्रकरण का मुख्य आरोपी बताया गया

अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) की शुरुआती रिपोर्ट में अविनाश शुक्ला को इस पूरे प्रकरण का मुख्य आरोपी बताया गया है। जांच एजेंसियों को संदेह है कि करीब 40 दिनों तक चले इस कथित गबन के दौरान दान राशि की गिनती के समय लगभग 70 बार चोरी की घटनाएं हुईं।

'अविनाश शुक्ला के खिलाफ सबसे मजबूत सबूत मिले हैं'

रिपोर्ट में कहा गया है कि दान राशि की गिनती से जुड़े कार्य में तैनात अविनाश शुक्ला के खिलाफ सबसे मजबूत सबूत मिले हैं, जिसके आधार पर उसे इस मामले का मुख्य आरोपी बनाया गया है। जांच में सामने आया है कि पूरा कथित चोरी का नेटवर्क शुक्ला के इर्द-गिर्द संचालित हो रहा था। उसकी भूमिका और पूछताछ के आधार पर ही पांच अन्य आरोपियों की पहचान हुई और दान राशि गणना कक्ष के भीतर कथित तौर पर अपनाए जा रहे तरीके को समझा।

Anuj Mishra
अनुज मिश्राauthor

अनुज मिश्रा भारत के अग्रणी क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव पत्रकारों में से एक हैं। वह वर्तमान में टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। पिछले करीब दो दशकों से अनुज मिश्रा ने अपराध, आंतरिक सुरक्षा और संगठित अपराध से जुड़े मामलों की गहन रिपोर्टिंग और संपादकीय नेतृत्व किया है। उन्होंने सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग, एनआईए और खुफिया एजेंसियों से संबंधित बड़ी और संवेदनशील खबरों को नज़दीकी से कवर किया है। अनुज मिश्रा की सबसे बड़ी ताक़त उनकी ग्राउंड रिपोर्टिंग है। हर बड़ी और अहम खबर में वह ग्राउंड ज़ीरो पर मौजूद रहकर घटनाओं की प्रत्यक्ष कवरेज करते रहे हैं। यही कारण है कि उनकी रिपोर्टिंग में जमीनी सच्चाई और तथ्य हमेशा साफ़ झलकते हैं। टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ने से पहले अनुज मिश्रा देश के कई बड़े टेलीविज़न न्यूज़ चैनलों के साथ काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने अपनी पत्रकारिता और एडिटोरियल स्किल्स से अलग पहचान बनाई। अनुज ने न केवल देश-विदेश की बड़ी खबरों को जनता तक पहुँचाया है, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति और सत्ता गलियारों से जुड़े घटनाक्रमों पर भी पैनी नज़र रखी है। उनकी पत्रकारिता शैली तथ्यपरक, इन्वेस्टिगेटिव और जमीनी हकीकत पर आधारित मानी जाती है। उन्होंने आतंकवाद, संगठित अपराध, ड्रग्स सिंडिकेट, हाई-प्रोफाइल जांच और सियासी घटनाक्रमों पर कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स की हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।

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