Ram Mandir Donation Scam Recovery: अयोध्या के राम मंदिर में दान की गिनती के दौरान हुई वित्तीय गड़बड़ी और चोरी के मामले में अयोध्या पुलिस के हाथ एक बहुत बड़ी सफलता लगी है। पुलिस ने इस मामले के मुख्य आरोपियों में से एक, अनुकल्प मिश्रा के पास से चोरी की रकम से जुटाई गई संपत्ति बरामद कर ली है। पुलिस की इस कार्रवाई से साफ हो गया है कि दान के पैसों का इस्तेमाल आरोपी अपनी सुख-सुविधाओं और शौक पूरे करने के लिए कर रहे थे।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपी अनुकल्प मिश्रा के पास से एक सफेद रंग की स्विफ्ट डिजायर कार बरामद (Anukalp Mishra Swift Dzire) की गई है। जांच में यह बात पूरी तरह साबित हो चुकी है कि यह गाड़ी किसी मेहनत की कमाई से नहीं, बल्कि मंदिर के दान से चुराए गए पैसों से ही खरीदी गई थी। गाड़ी के अलावा पुलिस ने अनुकल्प के पास से भारी-भरकम सोने की चेन और एक कीमती सोने का पेंडुलम भी जब्त किया है।
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आधी रात को पैतृक आवासों पर ताबड़तोड़ छापेमारी
इस रिकवरी के बाद अयोध्या पुलिस ने मामले को पूरी तरह खंगालने के लिए देर रात बड़ी कार्रवाई की। पुलिस की अलग-अलग टीमों ने तीनों नामजद आरोपियों अनुकल्प मिश्रा, लवकुश और करुणेश पांडे के अयोध्या स्थित ठिकानों के साथ-साथ उनके पैतृक गांवों में बने घरों पर एक साथ छापेमारी की। इस रेड का मकसद चोरी की बाकी रकम और इस साजिश से जुड़े अन्य अहम दस्तावेजों को हासिल करना था।
ब्लैक मनी को व्हाइट करने वाले मददगार भी हुए चिन्हित
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी बेहद शातिराना तरीके से काम कर रहे थे। वे पकड़े जाने के डर से सीधा कैश बैंक में जमा नहीं करते थे। इसके बजाय, वे कुछ स्थानीय लोगों को नकद पैसा देते थे और बदले में उनसे अपने बैंक खातों में ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करवा लेते थे। पुलिस ने ऐसे कई संदिग्ध लोगों की पहचान कर ली है जिन्होंने इस काले धन को ठिकाने लगाने में आरोपियों की मदद की थी। पुलिस जल्द ही इन लोगों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ कर सकती है।
