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22 जनवरी को हर घर में जलाएं 'राम ज्योति'...अयोध्या से पीएम मोदी की रामभक्तों से अपील, पढ़िए संबोधन की 10 बड़ी बातें

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Dec 30, 2023, 03:34 PM IST

PM Modi in Ayodhya: पीएम मोदी ने कहा, आज का भारत अपनी पुरातन विरासत का आत्मसात करते हुए आगे बढ़ रहा है। एक समय था रामलला टेंट में विराजमान थे। आज पक्का घर सिर्फ रामलाला को ही नहीं देश के चार करोड़ गरीबों को भी मिला है।

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अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

Photo : Twitter

PM Modi in Ayodhya: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को अयोध्या में लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा, आज पूरी दुनिया उत्सुकता के साथ 22 जनवरी के ऐतिहासिक क्षण का इंतजार कर रही है। ऐसे में अयोध्यावासियों में ये उत्साह और उमंग स्वाभाविक है। भारत की मिट्टी के कण-कण और भारत के जन-जन का मैं पुजारी हूं और मैं भी आपकी तरह उतना ही उत्सुक हूं।

पीएम मोदी ने कहा, देश के इतिहास में 30 दिसंबर की तारीख बहुत ऐतिहासिक रही है। 1943 में आज के ही दिन नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने अंडमान में झंडा फहरा कर भारत की आजादी का जयघोष किया था। आजादी के आंदोलन से जुड़े ऐसे पावन दिवस पर आज हम आजादी के अमृतकाल के संकल्प को आगे बढ़ा रहे हैं। आज विकसित भारत के निर्माण को गति देने के अभियान को अयोध्या नगरी से नई ऊर्जा मिल रही है। आज यहां 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े ये काम आधुनिक अयोध्या को देश के नक्शे पर फिर से गौरव के साथ स्थापित करेंगे। आगे पढ़ें पीएम मोदी के संबोधन की 10 बड़ी बातें...

1. रामलला के सहारे पीएम आवास योजना का जिक्र

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन के जरिए न सिर्फ रामलला का जिक्र किया बल्कि प्रधानमंत्री आवास योजना को भी इससे जोड़ा। उन्होंने कहा, एक समय था, जब यहीं अयोध्या में रामलला टेंट में विराजमान थे। आज पक्का घर सिर्फ रामलला को ही नहीं बल्कि पक्का घर देश के 4 करोड़ गरीबों को भी मिला है।

2. तीर्थ क्षेत्रों के साथ विकास कार्यों को गिनाया

प्रधानमंत्री ने कहा, आज का भारत अपने तीर्थों को भी संवार रहा है, वहीं डिजिटल टेक्नोलॉजी की दुनिया में भी छाया हुआ है। आज देश में सिर्फ केदार धाम का पुनरुद्धार ही नहीं हुआ है, बल्कि 315 से ज्यादा नए मेडिकल कॉलेज भी बने हैं। आज देश में महाकाल महालोक का निर्माण ही नहीं हुआ है, बल्कि हर घर जल पहुंचाने के लिए पानी की 2 लाख से ज्यादा टंकियां भी बनवाई गई हैं। आने वाले समय में अवध क्षेत्र ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के विकास को हमारी अयोध्या दिशा देने वाली है।

3. अयोध्या में करोड़ों के विकास कार्य

प्रधानमंत्री ने अयोध्या में हो रहे विकास कार्यों का अलग से जिक्र किया। उन्होंने कहा, यहां श्रीराम का भव्य मंदिर बनने के बाद यहां आने वाले लोगों की संख्या में बहुत बड़ी वृद्धि होगी। इसे ध्यान में रखते हुए हमारी सरकार अयोध्या में हजारों करोड़ रुपये के विकास कार्य करा रही है, अयोध्या को स्मार्ट बना रही है। आज मुझे अयोध्या धाम एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन का लोकार्पण करने का सौभाग्य मिला है। मुझे खुशी है कि अयोध्या एयरपोर्ट का नाम महर्षि वाल्मीकि के नाम पर रखा गया है। महर्षि वाल्मीकि ने हमें रामायण के माध्यम से प्रभु श्रीराम के कृतित्व से परिचित करवाया। त्रिकालदर्शी महर्षि वाल्मीकि जी के नाम पर अयोध्या धाम एयरपोर्ट का नाम, इस एयरपोर्ट में आने वाले हर यात्री को धन्य करेगा। महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण वो ज्ञान मार्ग है, जो हमें प्रभु श्रीराम से जोड़ती है।

4. अयोध्या इंटरनेशनल एयरपोर्ट का अलग से जिक्र

पीएम मोदी ने कहा, आधुनिक भारत में महर्षि वाल्मीकि इंटरनेशनल एयरपोर्ट, अयोध्या धाम, हमें दिव्य-भव्य-नव्य राम मंदिर से जोड़ेगा। अभी अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन की क्षमता 10-15 हजार लोगों की सेवा करने की है। स्टेशन का पूरा विकास होने के बाद अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन पर हर रोज 60 हजार लोग आ-जा सकेंगे।

5. वंदे भारत, नमो भारत और अमृत भारत रेलवे की त्रिशक्ति

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, आज आधुनिक रेलवे निर्माण की तरफ एक और बड़ा कदम देश ने उठाया है। वंदे भारत और नमो भारत के बाद आज एक और आधुनिक ट्रेन देश को मिली है। इस नई ट्रेन का नाम अमृत भारत ट्रेन रखा गया है। वंदे भारत, नमो भारत और अमृत भारत ट्रेनों की ये त्रिशक्ति भारतीय रेलवे का कायाकल्प करने जा रही है।

6. 22 जनवरी को श्रीराम ज्योति की अपील

पीएम मोदी ने कहा, ये ऐतिहासिक क्षण बहुत भाग्य से हम सभी के जीवन में आया है। हमें देश के लिए नव संकल्प लेना है, खुद को नई ऊर्जा से भरना है। इसके लिए आप सभी 140 करोड़ देशवासी 22 जनवरी को अपने घरों में श्रीराम ज्योति जलाएं, दीपावली मनाएं।

7. 22 जनवरी को अयोध्या न आने की अपील

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में 22 जनवरी को लोगों से अयोध्या न आने की अपील की। उन्होंने कहा, मेरी सभी देशवासियों से मेरी एक करबद्ध प्रार्थना है - हर किसी की इच्छा है कि 22 जनवरी के आयोजन का हिस्सा बनने के लिए वो स्वयं अयोध्या आए। लेकिन आप जानते हैं कि हर किसी का आना संभव नहीं है। इसलिए सभी रामभक्तों से मेरा आग्रह है कि 22 जनवरी को एक बार विधिपूर्वक कार्यक्रम हो जाने के बाद, अपनी सुविधा के अनुसार वो अयोध्या आएं, अयोध्या आने का मन 22 जनवरी को न बनाएं।

8. अयोध्या को बनाएं सबसे स्वच्छ शहर

पीएम मोदी ने कहा, मेरा एक आग्रह अयोध्या के भाई-बहनों से भी है- अब देश-दुनिया के लोग लगातार , हर रोज अयोध्या आते रहेंगे और ये सिलसिला अब अनंत काल तक चलेगा। इसलिए अब आपको भी एक संकल्प लेना है। ये संकल्प है अयोध्या नगर को भारत को सबसे स्वच्छ शहर बनाने का। स्वच्छ अयोध्या अब यहां के निवासियों की जिम्मेदारी है।

9. 14 जनवरी से स्वच्छता अभियान

पीएम मोदी ने 14 जनवरी से देश के हर छोटे-बड़े मंदिर के लिए स्वच्छता अभियान की अपील की। उन्होंने कहा, देश के सभी तीर्थ क्षेत्रों से और मंदिरों से मेरा आग्रह है कि भव्य राम मंदिर के निर्माण के निमित्त, 14 जनवरी को मकर संक्रांति के दिन से पूरे देश के सभी तीर्थ स्थलों पर स्वच्छता का बहुत बड़ा अभियान चलाना है। हर मंदिर में सफाई का अभियान हमें 14 जनवरी से 22 जनवरी तक चलाना है।

10. उज्ज्वला योजना का भी जिक्र

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में उज्जवला योजना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, आज मुझे उज्ज्वला योजना की 10 करोड़वीं लाभार्थी के यहां चाय पीने का मौका मिला। जब यूपी के बलिया से योजना शुरू की थी, तब किसी ने इस योजना की सफलता के बारे में सपने में भी नहीं सोचा था। उन्होंने मंच से कहा, मोदी जो गारंटी देता है उसे पूरा करने के लिए दिन-रात एक कर देता है, जीवन खपा देता है। इस पवित्र धाम के विकास में हम कोई कसर नहीं बाकी रखेंगे।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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