Rajnath Singh : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह गुरुवार को मलेशिया रवाना हुए। वह एक नवंबर को कुआलालम्पुर में 12वें आसियान और सहभागी देशों के रक्षामंत्रियों के सम्मेलन-एडीएमएन प्लस में हिस्सा लेंगे। रक्षा मंत्री इस सम्मेलन के 15 वर्ष पूरे होने और आगे की राह के बारे में आयोजित सत्र को भी संबोधित करेंगे। दो दिन की यात्रा के दौरान वह आसियान के सदस्य और सहभागी देशों के रक्षामंत्रियों तथा मलेशिया के शीर्ष नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे।
रक्षा सहयोग को मिलेगी मजबूती
यह सम्मेलन हर वर्ष आयोजित होता है। इसका उद्देश्य आसियान और आठ सहभागी देशों के बीच रक्षा सहयोग मजबूत करना है। रक्षा मंत्रालय ने बताया है कि एडीएमएन प्लस के अंतर्गत भारत, मलेशिया के साथ वर्ष 2024-2027 की अवधि के लिए आतंकवाद से निपटने पर विशेषज्ञों के कार्य समूह का सह-अध्यक्ष है। इस दौरान शुक्रवार को मलेशिया की अध्यक्षता में आसियान-भारत रक्षा मंत्रियों की अनौपचारिक बैठक होगी। इसमें आसियान के सभी सदस्य देशों के रक्षा मंत्री भाग लेंगे। इसका उद्देश्य आसियान के सदस्य देशों और भारत के बीच रक्षा तथा सुरक्षा सहयोग मजबूत करना और एक्ट ईस्ट नीति को आगे बढ़ाना है। वहीं, आसियान शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जगह विदेश मंत्री एस जयशंकर शामिल हुए।
1992 में आसियान का वार्ता साझेदार बना भारत
एडीएमएम, आसियान (दक्षिण-पूर्व एशियाई राष्ट्र संघ) का सर्वोच्च रक्षा परामर्शदात्री और सहयोगात्मक संगठन है। एडीएमएम-प्लस, आसियान देशों (ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओ पीडीआर, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड, तिमोर-लेस्ते और वियतनाम) और इसके आठ संवाद साझेदारों (भारत, अमेरिका, चीन, रूस, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड) के लिए सुरक्षा और रक्षा सहयोग को मज़बूत करने का एक मंच है। भारत 1992 में आसियान का वार्ता साझेदार बना और इसका पहला एडीएमएम-प्लस 12 अक्टूबर, 2010 को वियतनाम के हनोई में आयोजित किया गया था। 2017 से, एडीएमएम-प्लस का आयोजन आसियान और प्लस देशों के बीच रक्षा सहयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रतिवर्ष किया जाता है।
