Rahul Gandhi Targets EC: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि उनकी पार्टी के समर्थक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने के प्रयास हुए और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार "लोकतंत्र की हत्या करने वालों" तथा "वोट चोरों" की रक्षा कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि ज्ञानेश कुमार को ऐसे लोगों को संरक्षण देना बंद करना चाहिए और एक सप्ताह में निर्वाचन आयोग को कर्नाटक की सीआईडी के साथ पूरी जानकारी साझा करनी चाहिए। कांग्रेस नेता के आरोप पर निर्वाचन आयोग की तरफ से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
प्रेस कॉनफ्रेंस के दौरान राहुल गांधी से जब यह पूछा गया कि क्या वह न्यायालय या किसी उच्च एजेंसी का दरवाजा खटखटाएंगे, लोकसभा नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, "सच कहूं तो, मैं यहां जो कर रहा हूं वह मेरा काम नहीं है। मेरा काम लोकतांत्रिक व्यवस्था में भाग लेना है। मेरा काम लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा करना नहीं है। यह भारत में संस्थानों का काम है; वे ऐसा नहीं कर रहे हैं, इसलिए मुझे यह करना होगा। हमारी प्रस्तुति के अंत तक, जिसमें 2-3 महीने लगेंगे, आपके मन में कोई संदेह नहीं रहेगा कि भारत में, राज्य दर राज्य, लोकसभा दर लोकसभा चुनाव में वोट चोरी की गई है।"
हाइड्रोजन बम आने वाला है: राहुल गांधी
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संवाददाता सम्मेलन में कर्नाटक के कलबुर्गी जिले के आलंद विधानसभा क्षेत्र के आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि कांग्रेस के मतदाताओं के नाम हटाने का प्रयास सुनियोजित तरीके से किया गया। उनके अनुसार, जिनके नाम हटाने के प्रयास हुए और जिनके नाम का इस्तेमाल कर नाम हटाने के आवेदन दिए गए, उन्हें इसकी जानकारी ही नहीं थी। उन्होंने कहा कि यह "हाइड्रोजन बम" नहीं है और वह आगे आने वाला है।
पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सीईसी ज्ञानेश कुमार भारतीय लोकतंत्र को नष्ट करने और "लोकतंत्र की हत्या करने वालों" की रक्षा कर रहे हैं। राहुल गांधी ने कहा, " मैं अपने लोकतंत्र, देश और संविधान से बहुत प्रेम करता हूं और ऐसी कोई बात नहीं करूंगा जो तथ्यों पर आधारित नहीं हो।" उनके मुताबिक, आलंद विधानसभा क्षेत्र में 6018 मतदाताओं का नाम हटाने के लिए आवेदन दिए गए। उन्होंने कहा कि ऐसा कांग्रेस मतदाताओं को निशाना बनाकर किया गया।
महाराष्ट्र, कर्नाटक वोट धोखाधड़ी पर क्या बोले राहुल गांधी?
राहुल गांधी ने दावा किया कि मतदाताओं के नाम हटाने के लिए जिन मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल हुआ वे कर्नाटक के बाहर के थे। उन्होंने मंच पर कुछ लोगों को पेश किया जिनके नाम मतदाता सूची से हटाने का प्रयास हुआ या उनके नाम इस्तेमाल करके ऐसा करने का प्रयास किया गया। राहुल गांधी ने कहा, " इस मामले की जांच कर्नाटक की सीआईडी कर रही है। सीआईडी ने 18 पत्र भेजकर कुछ जानकारियां मांगी... लेकिन यह जानकारी नहीं दी गई क्योंकि इससे वहां तक पहुंचा जा सकेगा जहां से यह अभियान चलाया जा रहा है।"
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले के राजौरा विधानसभा क्षेत्र में इसी तरीके का इस्तेमाल करके 6850 नाम जोड़े गए। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह में निर्वाचन आयोग को पूरा विवरण देना चाहिए और यदि ऐसा नहीं है तो फिर स्पष्ट हो जाएगा कि ज्ञानेश कुमार "वोट चोरों" की मदद कर रहे हैं।
