लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इंडी ब्लॉक के नेताओं के साथ मिलकर चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। सोमवार शाम दिनभर चले विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक गहमागहमी के बाद दाखिल इस याचिका में राहुल गांधी मुख्य याचिकाकर्ता हैं। उनके अलावा विपक्षी दलों के 10 अन्य प्रमुख नेताओं के नाम भी याचिका में शामिल हैं। इस तरह कुल 11 नेताओं ने मिलकर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को चुनौती दी है।
कांग्रेस और विपक्षी नेताओं के अलावा हजारों की तादाद में समर्थक जुटे थे। विपक्षी नेताओं और यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की मेहनत को राहुल गांधी ने सराहा है। उन्होंने प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों, इंडी गठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं का आभार जताते हुए कहा कि देश की जनता डरने वाली नहीं है और वह किसी भी तरह की धमकी या दबाव के आगे नहीं झुकेगी।
राहुल गांधी ने कहा कि आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण था, क्योंकि इस प्रदर्शन के जरिए सरकार को यह संदेश देना जरूरी था कि लोग डरकर पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष गुंडागर्दी और डराने-धमकाने की राजनीति को स्वीकार नहीं करेगा।
राहुल गांधी ने आरएसएस को क्यों घेरा?
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में आरएसएस के कार्यकर्ताओं पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि दो दिन पहले युवा साथियों के साथ मारपीट करने वाले लोग प्रदर्शन के दौरान नजर नहीं आए। राहुल ने सवाल किया कि जब विपक्ष और आम लोग सड़कों पर खड़े हैं, तो वे लोग सामने क्यों नहीं आते?
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि बीजेपी और आरएसएस के लोग ताकत के दम पर लड़ना चाहते हैं। राहुल ने कहा कि उनमें सामने आकर मुकाबला करने की हिम्मत नहीं है। हालांकि, युवा साथियों के साथ कथित मारपीट और प्रदर्शन के दौरान संबंधित लोगों की मौजूदगी को लेकर राहुल गांधी के इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
'ये अलग-अलग नहीं, एक ही आंदोलन है'
राहुल गांधी ने कहा कि यह अलग-अलग विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक साझा आंदोलन है, जिसमें सभी विपक्षी दल और उनके कार्यकर्ता एकजुट होकर खड़े हैं। उन्होंने INDIA गठबंधन के नेताओं, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और अन्य सहयोगियों की भूमिका की सराहना की।
उन्होंने कहा कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए सभी को मिलकर संघर्ष करना होगा। राहुल गांधी ने अपने संबोधन में संविधान और लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ लड़ाई जारी रखने की बात कही और स्पष्ट किया कि विपक्ष पीछे हटने वाला नहीं है।
प्रदर्शन में शामिल लोगों और नागरिक संगठनों का जताया आभार
राहुल गांधी ने विरोध प्रदर्शन में शामिल होने वाले सभी लोगों का धन्यवाद किया। उन्होंने उन लोगों के प्रति भी आभार जताया, जिन्होंने दोपहर तीन बजे अपने-अपने तरीके से आंदोलन का समर्थन किया। इसके अलावा, उन्होंने इंडी गठबंधन के नेताओं, कांग्रेस और गठबंधन के कार्यकर्ताओं तथा नागरिक समाज के संगठनों को भी धन्यवाद दिया।
राहुल गांधी ने कहा कि इन सभी का समर्थन भारत के विचार, संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। अपने संबोधन के अंत में राहुल गांधी ने प्रदर्शन में शामिल लोगों पर गर्व जताया और कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए एकजुट होकर खड़े रहना जरूरी है।
