लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम यानी महिला आरक्षण विधेयक पर दो दिवसीय बहस के दौरान आज यानी शुक्रवार 17 अप्रैल को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने अपनी बात रखी। वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस दौरान अपनी बहन और केरल में वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा की जमकर तारीफ की। इस तरह से उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, प्रियंका गांधी ने पांच मिनट में वह कर दिखाया, जो वह स्वयं (राहुल गांधी) अपने पूरे राजनीतिक करियर में नहीं कर पाए - अमित शाह को मुस्कुराना।
दरअसल, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अपनी बहन के कल यानी गुरुवार 16 अप्रैल को लोकसभा में दिए गए भाषण का जिक्र कर रहे थे। अपने उस संबोधन के दौरान प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi Vadra) ने गृहमंत्री अमित शाह के साथ मजाकिया लहजे में बातचीत की थी। प्रियंका ने कहा था कि अगर आज चाणक्य जीवित होते, तो अमित शाह की 'राजनीतिक चतुराई' देखकर चकित रह जाते। यह सुनकर अमित शाह भी मुस्कुरा दिए थे। राहुल गांधी ने चुटकी लेते हुए इस पर टिप्पणी की।
राहुल गांधी बोले बिल का महिला आरक्षण से कोई लेना-देना नहीं
हालांकि, राहुल गांधी ने अपने भाषण में केंद्र सरकार पर तीखा हमला भी बोला। उन्होंने संविधान संशोधन विधेयक को लेकर आरोप लगाया कि इस बिल का महिलाओं के आरक्षण से कोई लेना-देना नहीं है, बल्कि यह देश के चुनावी नक्शे को बदलने की कोशिश है। राहुल गांधी का कहना था कि इस विधेयक के जरिए दक्षिणी, पूर्वोत्तर और छोटे राज्यों के प्रतिनिधित्व को कम करने की योजना बनाई जा रही है।
OBC को प्रतिनिधित्व देने बच रही सरकार
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सरकार से 2023 के महिला आरक्षण कानून को लागू करने की मांग की और कहा कि विपक्ष इस कानून को पारित कराने में पूरा सहयोग देगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को वास्तविक प्रतिनिधित्व देने से बच रही है और जातिगत जनगणना को भी सीमित करने की कोशिश कर रही है।
ताकत कम होने की आशंका से घबराई हुई है सरकार
वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार अपनी राजनीतिक ताकत में संभावित कमी से घबराई हुई है और इसी कारण भारत के राजनीतिक मानचित्र को फिर से गढ़ने की कोशिश कर रही है। राहुल गांधी ने इसे 'राष्ट्रविरोधी कदम' बताते हुए कहा कि विपक्ष इस प्रयास को हर हाल में विफल करेगा।
उन्होंने दक्षिणी, पूर्वोत्तर और छोटे राज्यों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनके अधिकारों और प्रतिनिधित्व के साथ कोई समझौता नहीं होने दिया जाएगा। राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि यह विधेयक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दोहरी रणनीति का हिस्सा है - एक तरफ महिलाओं के पक्षधर दिखना और दूसरी तरफ राजनीतिक संतुलन को बदलना।
