Rahul Gandhi Speech: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के एक बयान पर हंगामा मच गया है। दरअसल राहुल गांधी ने कहा कि हमारे सभी महापुरुषों ने अहिंसा और भय को खत्म करने की बात कही है, दूसरी तरफ जो लोग खुद को हिंदू कहते हैं, वे सिर्फ हिंसा, नफरत, असत्य की बात करते हैं...आप हिंदू हैं ही नहीं...। इसी को लेकर सत्ता पक्ष भड़क गया और माफी की मांग करने लगा।
राहुल गांधी ने हिंदू धर्म को लेकर क्या कहा
राहुल गांधी ने कहा- "मोदी ने जी ने एक दिन अपने भाषण में कहा कि हिंदुस्तान ने किसी पर आक्रमण नहीं किया, इसका कारण है कि ये देश अहिंसा का देश है। ये देश डर का देश नहीं है। हमारे सारे के सारे महापुरुषों ने अहिंसा की बात की है। डर मिटाने की बात की। डरो मत डराओ मत। शिवजी कहते हैं- डरो मत, डराओ मत और त्रिशूल को जमीन में गाड़ देते हैं। और जो लोग अपने आप को हिंदू कहते हैं, वो चौबीस घंटे हिंसा-हिंसा, नफरत-नफरत-नफरत, असत्य-असत्य-असत्य। आप हिंदू हो ही नहीं। हिंदू धर्म में साफ लिखा है, सत्य के साथ खड़ा होना चाहिए। सत्य से पीछे नहीं हटना चाहिए। सत्य से नहीं डरना चाहिए। अहिंसा हमारा प्रतीक है।"
बीजेपी हुई हमलावर
राहुल गांधी के इस बयान को बीजेपी ने पूरे हिंदू समुदाय से जोड़ते हुए माफी की मांग की। प्रधानमंत्री मोदी ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि पूरे हिंदू समुदाय को हिंसक कहना बहुत गंभीर मामला है। वहीं अमित शाह ने कहा कि राहुल गांधी को सभी हिंदुओं को हिंसक बताने वाले अपने बयानों के लिए माफी मांगनी चाहिए। करोड़ों लोग हिंदू होने पर गर्व करते हैं, क्या राहुल गांधी सोचते हैं कि वे सभी हिंसक हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में कहा- "विपक्ष के नेता ने स्पष्ट रूप से कहा है कि जो लोग खुद को हिंदू कहते हैं, वे हिंसा की बात करते हैं और हिंसा करते हैं। उन्हें नहीं पता कि करोड़ों लोग गर्व से खुद को हिंदू कहते हैं। हिंसा को किसी भी धर्म से जोड़ना गलत है। उन्हें माफी मांगनी चाहिए।"
इसके बाद राहुल गांधी यहीं नहीं रूके, राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा उनकी टिप्पणी पर आपत्ति जताए जाने के बाद राहुल गांधी ने कहा- "मोदी, भाजपा, आरएसएस संपूर्ण हिंदू समुदाय नहीं हैं।"
