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शपथ के बाद 'जय संविधान' और 'जय श्रीराम' पर लोकसभा स्पीकर को आपत्ति, कहा- भविष्य में न हो पुनरावृत्ति

Lok Sabha MP Oath Ceremony: 18वीं लोकसभा के पहले सत्र में शपथ लेने के दौरान विपक्ष के अधिकतर सदस्यों ने ‘जय संविधान’ का नारा लगाया था। वहीं, सत्तापक्ष की तरफ से भी कई सदस्यों ने ‘जय श्रीराम’ तथा कुछ अन्य नारे लगाए थे। इसके बाद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की ओर से आपत्ति जताई गई है।

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Photo : ANI

Lok Sabha MP Oath Ceremony: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शपथ ग्रहण के दौरान कई सदस्यों द्वारा अलग-अलग नारे लगाए जाने को लेकर आपत्ति जताई है। उन्होंने सोमवार को सदन में कहा कि शपथ एवं प्रतिज्ञान की शुरुआत में या आखिर में अतिरिक्त शब्दों अथवा वाक्यों का इस्तेमाल संसद की गरिमा के अनुरूप नहीं है। यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति नहीं हो।

उन्होंने सदन की बैठक शुरू होने पर यह भी कहा कि इससे संबंधित विषयों पर गहन विचार-विमर्श करते हुए एक संसदीय समिति का गठन किया जाएगा जिसमें प्रमुख दलों के सदस्य शामिल होंगे। बता दें, 18वीं लोकसभा के पहले सत्र में शपथ लेने के दौरान विपक्ष के अधिकतर सदस्यों ने ‘जय संविधान’ का नारा लगाया था। वहीं, सत्तापक्ष की तरफ से भी कई सदस्यों ने ‘जय श्रीराम’ तथा कुछ अन्य नारे लगाए थे।

भविष्य में न हो इसकी पुनरावृत्ति

लोकसभा अध्यक्ष ने सोमवार को कहा, ‘‘इस पवित्र सदन के सदस्य के रूप में शपथ लेने तथा प्रतिज्ञान करने के उद्देश्य से हमारे संविधान में अनुच्छेद 99 और तीसरी अनुसूची में प्रारूप निर्दिष्ट हैं। इसके अनुसार, शपथ लेना सदस्यों का संवैधानिक दायित्व है। हमारे संविधान में शपथ और प्रतिज्ञान की शुचिता, मर्यादा और गरिमा है। उन्होंने कहा, यदि सदस्य शपथ के आरंभ या अंत में अतिरिक्त शब्दों या वाक्यों की अभिव्यक्ति करते हैं तो इससे सदन की गरिमा में कमी आती है। सदस्य के रूप में हमारा दायित्व है कि हमारे किसी भी आचरण से इस गरिमा में कमी नहीं आए। बिरला ने सभी सदस्यों से आग्रह किया कि वे तीसरी अनुसूची में निर्दिष्ट प्रारूपों के अनुसार ही शपथ लें तथा इस बार जो हुआ उसकी पुनरावृत्ति भविष्य में नहीं हो।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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