Anurag Thakur: वोट चोरी के कथित आरोपों पर सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। दोनों तरफ से जुबानी हमले तेज हो गए हैं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के आरोपों पर बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पलटवार किया। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा सांसद ने कहा कि 'अगर किसी के नेतृत्व में 90 बार चुनाव हारने का कोई रिकॉर्ड है तो वह राहुल गांधी हैं। यहां तक कि कांग्रेस पार्टी में राहुल के नेतृत्व पर सवाल उठते हैं। जब राहुल चुनाव हारते हैं तो वह ईवीएम पर सवाल उठाते हैं और वोटरों को दोष देते हैं।' ठाकुर ने कहा कि विपक्ष के लोगों ने मंगलवार को कहा कि 'राहुल ने बवंडर खड़ा कर दिया लेकिन उन्होंने बवंडर नहीं बल्कि ब्लंडर किया।'
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने भाजपा के मीडिया सेल के प्रभारी अमित मालवीय के एक X पोस्ट का जिक्र करते हुए दावा किया कि सोनिया गांधी का नाम मतदाता सूची में तभी शामिल हो गया था जब वह भारतीय नागरिक नहीं थीं। ठाकुर ने दावा किया कि सोनिया का नाम 1980 में मतदाता सूची में शामिल हो गया था।
बिहार में चुनाव हार देख अभी से बहाना बना रही कांग्रेस-अनुराग
विपक्ष को निशाने पर लेते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 'कांग्रेस कहती है कि बीजेपी के लिए ईवीएम में गड़बड़ी की गई। फिर उन्होंने कहा कि ईवीएम पर प्रतिबंध लगाओ, बैलेट पेपर वापस लाओ। फिर उन्होंने कहा कि ईवीएम को दूर से हैक किया जा सकता है। हर हार के बाद कांग्रेस नए-नए बहाने ढूंढती रही। कांग्रेस ने आत्मचिंतन नहीं किया, बल्कि बार-बार ईवीएम, चुनाव आयोग और संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाती रही। बिहार चुनाव में हार दिखने पर कांग्रेस पहले से ही विपक्षी दलों के साथ मिलकर झूठे आरोप लगाने में जुटी है।'
'यह बवंडर नहीं, ब्लंडर है'
हमीरपुर से भाजपा सांसद ने कहा, 'कल कुछ कांग्रेस के लोग कह रहे थे कि राहुल गांधी और विपक्ष के नेताओं ने बवंडर खड़ा किया, यह बवंडर नहीं, ब्लंडर है। मैं राहुल जी से यही कहूंगा कि 'धूल चेहरे पर थी और वह आईना साफ करते रहे'। उन्होंने आगे कहा, 'अगर हम 1952 से शुरू करें, तो कांग्रेस और सीपीआई ने मिलकर संविधान निर्माता और संत समान नेता डॉ. भीमराव अंबेडकर को चुनाव में हराया।'
अंबेडकर को चुनावी धांधली से हराया-ठाकुर
ठाकुर ने कहा कि 1952 के पहले ही चुनाव में कांग्रेस ने चुनावी भ्रष्टाचार की नींव रखी। 74,333 वोट रद्द कर दिए गए, जबकि अंबेडकर जी केवल 14,561 वोट से हारे। कांग्रेस ने सुनिश्चित किया कि एक संविधान निर्माता, एक दलित नेता, पहले ही चुनाव में बाहर कर दिया जाए। सोचिए, जिसने संविधान बनाया, उसे कांग्रेस परिवार ने चुनावी धांधली के जरिए हरा दिया।'
