कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और अन्य पार्टी नेता (फोटो साभार: @INCGujarat)
Mission Gujarat: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को यहां अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) और (गुजरात) प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के पर्यवेक्षकों के साथ एक 'प्रबोधन बैठक' की तथा गुजरात में 41 जिला इकाइयों के अध्यक्षों के चयन पर मार्गदर्शन दिया। स्थानीय नेताओं ने बताया कि गांधी ने ऐसी इकाइयों को मजबूत करने की प्रायोगिक परियोजना के तहत ऐसा किया।
उन्होंने बताया कि पर्यवेक्षकों की टीम हर जिला इकाई प्रमुख पद के लिए छह नाम सुझाएगी और अंतिम चयन 31 मई तक किया जाएगा। पूर्व विधायक गयासुद्दीन शेख ने बैठक के बाद बताया कि गांधी ने नेताओं से लोगों के संघर्षों में भाग लेने और उनके मुद्दों को उठाने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला, क्योंकि लोग सरकार से तंग आ चुके हैं।
यहां कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय में दो घंटे तक चली बैठक के दौरान गांधी ने कहा कि जब तक नेता आम लोगों से नहीं जुड़ेंगे तब तक पार्टी को जनसमर्थन नहीं मिलेगा। बता दें कि 12 अप्रैल को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने गुजरात के 33 जिलों और आठ प्रमुख शहरों में पार्टी कमेटी के अध्यक्षों की नियुक्ति की निगरानी के लिए 42 एआईसीसी और 183 पीसीसी पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की थी।
यह भी पढ़ें: सोनिया आरोपी नंबर- 1 तो राहुल आरोपी नंबर- 2, ED ने किया करोड़ों के घपले का दावा; पढ़िए पूरी चार्जशीट
वरिष्ठ कांग्रेस नेता शक्तिसिंह गोहिल ने कहा, ''बुधवार को प्रायोगिक परियोजना उत्तर गुजरात के अरावली जिले से शुरू की जाएगी, जहां राहुल जी जिला स्तर के नेताओं के साथ बातचीत करेंगे और बाद में बूथ (मतदान केंद्र) स्तर के पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलेंगे। यह प्रायोगिक कार्यक्रम 8.51 लाख मतदाताओं वाले जिले से शुरू किया जा रहा है।''
पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जगदीश ठाकोर ने कहा, ''राहुल जी ने हमें जिला अध्यक्षों के चयन पर मार्गदर्शन दिया। पर्यवेक्षकों की पांच सदस्यीय टीम 23 अप्रैल से आठ मई तक सभी 41 जिला इकाइयों का दौरा करेगी।''
उन्होंने कहा कि पर्यवेक्षकों को उन्हें सौंपे गए जिलों में कम से कम तीन दिन तक रहना होगा, प्रखंड स्तर पर कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें करनी होंगी और स्थानीय लोगों से मिलना होगा। ठाकोर ने कहा, ''पर्यवेक्षकों का ध्यान किसी व्यक्ति या समूह पर नहीं होगा। उन्हें सामाजिक समीकरणों और क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति जैसे व्यापक कारकों को ध्यान में रखना होगा।''
शेख ने कहा कि पर्यवेक्षक इस पद के लिए छह नामों के पैनल के साथ एक रिपोर्ट तैयार करेंगे और इसे राज्य इकाई को सौंपेंगे, जो चयन को अंतिम रूप देगी।
यह भी पढ़ें: वक्फ को लेकर PAK ने की उल-जलूल बात तो भारत ने दिया करारा जवाब; कहा- खुद के खराब रिकॉर्ड पर करें गौर
पार्टी महासचिव (संगठन) के सी वेणुगोपाल ने एक पोस्ट में कहा, ''अहमदाबाद के राजीव गांधी भवन में विपक्ष के नेता राहुल गांधी जी ने जिला पर्यवेक्षकों के लिए प्रबोधन कार्यक्रम को संबोधित किया, जो गुजरात में हमारे संगठन सृजन अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा होंगे।''
लोकसभा सदस्य इमरान मसूद ने कहा, ''राहुल जी ने हमें पार्टी को मजबूत करने के लिए मार्गदर्शन दिया ताकि हमारा संगठन 'बूथ (मतदान केंद्र)' स्तर तक मजबूत हो सके। विचारधारा के लिए प्रचार की आवश्यकता होती है। हम इसे गुजरात से शुरू करेंगे और इसे राष्ट्रीय स्तर पर ले जाएंगे।''
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा नियुक्त नौ सदस्यीय समिति ने जिला इकाइयों को मजबूत करने तथा उनके अध्यक्षों को अधिक अधिकार देने की सिफारिश की थी। पिछले सप्ताह यहां हुई कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक में इन सिफारिशों को मंजूरी दी गई और गुजरात में प्रायोगिक परियोजना शुरू करने का निर्णय लिया गया। कांग्रेस तीन दशकों से गुजरात में सत्ता से बाहर है।
देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। देश (India News) अपडेट और चुनाव (Elections) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से ।