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आजादी से पहले अंग्रेजों और राजा-महाराजाओं में थी पार्टनरशिप...नागपुर में राहुल ने बताया कांग्रेस ने देश में क्या-क्या बदला

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Dec 28, 2023, 06:26 PM IST

Congress: राहुल गांधी ने कहा, आजादी के पहले हिंदुस्तान की जनता को कोई अधिकार नहीं दिए गए थे। महिलाओं के कोई अधिकार नहीं थे। दलितों को छुआ नहीं जाता था, ये आरएसएस की विचारधारा है। इसे हमने बदला है।

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नागपुर में राहुल गांधी

Photo : ANI

Congress: कांग्रेस के स्थापना दिवस के मौके पर राहुल गांधी ने नागपुर में 'हैं तैयार हम' रैली को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने भाजपा सरकार और आरएसएस पर जमकर हमला बोला। राहुल गांधी ने कहा देश में दो विचारधाराओं की लड़ाई है। एक तरफ आरएसएस की विचारधारा है और दूसरी तरफ कांग्रेस की विचारधारा। उन्होंने कहा, यह लड़ाई विचार और सत्ता के बीच है। राहुल गांधी ने कहा, लोग सोचते हैं कि आजादी की लड़ाई सिर्फ अंग्रेजों के खिलाफ लड़ी गई। लेकिन यह लड़ाई अंग्रेजों और राजा-महाराजाओं के खिलाफ भी थी।

राहुल गांधी ने आगे कहा, आजादी के पहले अंग्रेजों और राजा-महाराजाओं के बीच पार्टनरशिप थी। हिंदुस्तान की जनता को कोई अधिकार नहीं दिए गए थे। महिलाओं के कोई अधिकार नहीं थे। दलितों को छुआ नहीं जाता था, ये आरएसएस की विचारधारा है। इसे हमने बदला है और एक बार फिर ये हिंदुस्तान को वापस ले जाना चाह रहे हैं, जो आजादी के पहले थे, वहां हिंदुस्तान को वापस लौटा रहे हैं।

महाराष्ट्र और देश में हम चुनाव जीतने जा रहे

रैली के दौरान राहुल गांधी ने कहा, जब मैं भारत जोड़ यात्रा में चल रहा था, जैसे ही मैं महाराष्ट्र आया मैंने सोचा से कांग्रेसियों की जमीन है। इस जमीन में लोगों को कांग्रेस की विचारधारा बिना समझाए समझ आ जाती है। हमारी लड़ाई शुरू हुई तो महाराष्ट्र से हुई थी। इसलिए हम आपसे बात करने नागपुर आए हैं। आप बब्बर शेर हो आपको किसी से नहीं डरना और आपकी विचारधारा की लड़ाई है। यह आपके दिल की लड़ाई है। राहुल गांधी ने कहा, आप और हम मिलकर महाराष्ट्र में और पूरे हिंदुस्तान में चुनाव जीतने जा रहे हैं।

देश को बर्बाद कर रही आरएसएस

नागपुर में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी रैली को संबोधित किया। उन्होंने कहा, पिछले 10 साल से भाजपा और RSS देश को तंग कर रहे हैं। अगर संघ की सरकार को नहीं रोका गया तो देश बर्बादी की ओर जाएगा और देश का लोकतंत्र और संविधान खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा, हमको यह लगता है अगर देश के लोग कहीं से प्रेरणा ले सकते हैं तो सिर्फ नागपुर से ले सकते हैं। नागपुर क्रांतिकारियों की भूमि है। इसी भूमि पर बाबा साहेब आंबेडकर ने लाखों लोगों अपनी विचारधारा से जोड़कर सामाजिक न्याय दिलाया। महात्मा गांधी ने भी यहां लंबा समय गुजारा। देश के कोने-कोने से लोग यहां आकर उनकी सलाह लेते थे और देश को आजादी दिलाने के लिए बात होती थी। खड़गे ने कहा, यहां दो विचारधारा हैं। एक डॉ. आंबेडकर की प्रगतिवादी विचारधारा और दूसरी तरफ आरएसएस का बंगला है। आरएसएस यहीं से पैदा हुई और यही आरएसएस देश को बर्बाद कर रही है। मोदी आरएसएस का झंडा लेकर आगे-आगे जा रहे हैं।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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