चाहे गिग वर्क्स की परेशानी हो या एयरपोर्ट पर समोसे के दाम, राज्यसभा सांसद और आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा, कई ऐसे मुद्दे संसद में उठा चुके हैं, जिसका सीधा सरोकार देशवासियों से है। इसी बीच एक बार फिर उन्होंने राज्यसभा में एक ऐसा मुद्दा उठाया है, जिसकी खूब चर्चा हो रही है।दरअसल, इस बार उन्होंने फ्रूट जूस कंपनियों की चालाकी का मुद्दा उठाया है।
पैकेट पर मीठा पानी बेच रही कंपनियां: राघव चड्ढा
राघव चड्ढा ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा " क्या आपको लगता है कि आप फलों का रस पी रहे हैं? जरा फिर से सोचिए। बड़े-बड़े खाद्य ब्रांड चमकदार 'ताज़े फलों' की तस्वीरों वाले पैकेट पर मीठा पानी बेच रहे हैं। और पैकेट के पीछे छोटे अक्षरों में सच्चाई छुपा रहे हैं, जिस पर लिखा है 'तस्वीरें केवल मार्केटिंग के लिए हैं'। सच में? क्योंकि ये भ्रामक ब्रांडिंग और झूठे विज्ञापन लाखों लोगों, खासकर बच्चों को, मधुमेह और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों की ओर धकेल रहे हैं। अब समय आ गया है कि आपके जूस के डिब्बे के पीछे की सच्चाई को उजागर किया जाए।
डेटा लिमिट का उठा चुके हैं मुद्दा
इससे पहले राघव चड्ढा ने डेली डेटा लिमिट का मुद्दा उठाया था। राज्यसभा में अपनी बात रखते हुए आप सांसद राघव चड्ढा ने कहा था कि टेलीकॉम कंपनी ऐसे Recharge Plans ऑफर करती हैं जिनमें 'डेली डाटा लिमिट’ जैसे 1.5GB, 2GB या 3GB पर डे होती हैं, जो हर 24 घंटे में रीसेट हो जाती हैं। बचा हुआ मध्य रात्रि पर खत्म हो जाता है, जबकि उसके पूरे पैसे पहले ही दिए जा चुके होते हैं।
आपको 2GB के लिए चार्ज किया जाता है। आप 1.5GB यूज करते हैं। बचा हुआ 0.5GB दिन खत्म होते ही गायब हो जाता है। इसका कोई रिफंड नहीं मिलता है। कोई रोलओवर नहीं। मैंने यह मुद्दा संसद में उठाया की जिस डेटा के लिए हमने पूरी payment की है, वो दिन समाप्त होने पर एक्सपायर नहीं होना चाहिए।
