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पंजाब सरकार ने पांच पूर्व मंत्रियों को जारी किया नोटिस, सरकारी कोठी खाली करने के दिए आदेश

Punjab news: पंजाब सरकार ने जिन मंत्रियों को नोटिस दिया गया है उनमें पूर्व मंत्री गुरमीत सिंह मीत हेयर, चेतन सिंह जौड़ामाजरा, बलकार सिंह, ब्रह्म शंकर जिम्पा और अनमोल गगन मान को सरकारी कोठी खाली करने के लिए कहा गया है।

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंंत मान

Photo : Twitter

Punjab news: पंजाब सरकार ने पांच पूर्व मंत्रियों को सरकारी कोठी खाली करने के लिए नोटिस जारी किया है। इसमें बलकार सिंह, अनमोल गगन मान और जिम्पा सहित उन मंत्रियों के नाम शामिल हैं, जिन्होंने हाल ही में अपने पद से इस्तीफा दिया था। इन मंत्रियों को निर्देश किया गया है कि वह 15 दिनों के भीतर अपनी सरकारी कोठी खाली कर दें।

सरकार की ओर से जारी नोटिस में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि इन कोठियों को तत्काल प्रभाव से खाली किया जाए, ताकि नए मंत्रियों को आवास प्रदान किया जा सके। जिन मंत्रियों को नोटिस दिया गया है उनमें पूर्व मंत्री गुरमीत सिंह मीत हेयर, चेतन सिंह जौड़ामाजरा, बलकार सिंह, ब्रह्म शंकर जिम्पा और अनमोल गगन मान को सरकारी कोठी खाली करने के लिए कहा गया है।

क्या है नियम?

नियमों का हवाला दे लिखा गया है- नियमों के मुताबिक, किसी भी कैबिनेट मंत्री द्वारा पद से हटने के बाद सरकारी रिहायश में अधिक से अधिक 15 दिनों तक रिटेन किया जा सकता है इसलिए आप आवास खाली कर लोक निर्माण विभाग को सौंप दें, ताकि नवनियुक्त मंत्रियों को आवास आवंटित किए जा सकें।बता दें कि पंजाब सरकार के मंत्रिमंडल में 5 नए चेहरों को शामिल किया गया है। पंजाब सरकार में तरुण प्रीत सिंह, बरिंदर गोयल, हरदीप मुंडिया, डॉ. रवजोत सिंह और मोहिंदर भगत मंत्री बने हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को सभी नए मंत्रियों से मुलाकात की थी। इस दौरान उनसे उनके विभागों की कार्यशैली पर भी चर्चा की गई थी।

लोकसभा में खराब प्रदर्शन के बाद कैबिनेट में हुआ था बदलाव

सरकार की ओर से लोकसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन को देखते हुए कैबिनेट में बदलाव किया गया था। बता दें कि लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी पंजाब की 13 में से सिर्फ 3 सीट पर जीत दर्ज कर पाई थी। अफवाह है कि इस कारण से ही मान सरकार के कैबिनेट में यह बदलाव किया गया।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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