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आयुष्मान भारत योजना पर पंजाब vs केंद्र! भगवंत मान की सरकार ने नहीं मानी गाइडलाइंस; जानें क्या है विवाद

Punjab vs Centre: आयुष्मान भारत योजना पर पंजाब की भगवंत मान सरकार और केंद्र की मोदी सरकार आमने सामने है। केंद्र ने ये दावा किया है कि मान सरकार मे दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया। केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने संसद में लिखित जवाब देते हुए इससे जुड़ा आंकड़ा पेश किया है।

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केंद्र सरकार vs पंजाब सरकार।

Ayushman Bharat Yojana Data: केंद्र सरकार ने मंगलवार को राज्यसभा को बताया कि पंजाब ने अब आयुष्मान आरोग्य मंदिर के रूप में जाना जा रहे आयुष्मान भारत-स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र के लिए तय दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया है, जो 2023-24 के पूंजी निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता योजना के दिशानिर्देशों का उल्लंघन है।

पंजाब सरकार दिशानिर्देशों का नहीं किया पालन

स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित जवाब में बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत वित्त वर्ष 2023-24 के लिए 457.90 करोड़ रुपये के कुल केंद्रीय हिस्से के आवंटन में से पंजाब को 91.49 करोड़ रुपये जारी किए गए। पटेल ने कहा कि व्यय विभाग यह निर्धारित करता है कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 2023-24 के पूंजी निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता योजना के दिशानिर्देशों का पालन करना होगा।

केंद्रीय मंत्री ने निर्धारित अनिवार्य शर्तों का किया जिक्र

उन्होंने कहा कि 'चौथे पैरा में निर्धारित अनिवार्य शर्तों में से एक यह है कि सभी मंत्रालयों की सभी योजनाओं में सभी केंद्र प्रायोजित योजनाओं (सीएसएस) के आधिकारिक नामों और सीएसएस की ब्रांडिंग के संबंध में भारत सरकार द्वारा जारी किसी भी दिशा-निर्देश/निर्देश का पूर्ण अनुपालन किया जाए।' उन्होंने कहा कि आधिकारिक नामों के स्थानीय भाषा में सही अनुवाद की अनुमति है।

पंजाब और केंद्र सरकार ने समझौते पर किया था हस्ताक्षर

अनुप्रिया पटेल ने कहा कि पंजाब और केंद्र सरकार ने पिछले साल 16 जनवरी को 1 अप्रैल, 2021 से 3 मार्च, 2026 तक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के कार्यान्वयन के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे। पटेल ने कहा कि पंजाब सरकार समझौता ज्ञापन के खंड 10.3 और खंड 10.10 का पालन करने में विफल रही।

उन्होंने कहा कि अब आयुष्मान आरोग्य मंदिर कहे जाने वाले आयुष्मान भारत स्वास्थ्य एवं कल्याण केन्द्रों (एबी-एचडब्ल्यूसी) की ब्रांडिंग के लिए 30 मई, 2018 को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए थे, जिन्हें पूरा करने में पंजाब सरकार विफल रही।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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