सितंबर 2022 से जनवरी 2023 के बीच चला था यात्रा का पहला चरण
रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि कांग्रेस 'भारत जोड़ो यात्रा 2.0' का एक बड़ा प्रभाव पैदा करने के लिए बड़ी योजना पर काम कर रही है। पार्टी की योजना यात्रा के दौरान भाई और बहन को एक साथ लाने की है। 'भारत जोड़ो यात्रा' के प्रथम चरण की रूपरेखा तैयार करने वाले कांग्रेस के रणनीतिकारों के इस बीच प्रियंका गांधी को लेकर चर्चा हुई है। बता दें कि 'भारत जोड़ो यात्रा' का पहला चरण सितंबर 2022 से जनवरी 2023 के बीच संपन्न हुआ। इस यात्रा का नेतृत्व राहुल गांधी ने किया। यात्रा कन्याकुमारी से लेकर श्रीनगर तक करीब 150 दिनों तक चली।
प्रियंका को साथ लाने पर हुई चर्चा
टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेस के एक नेता ने बताया कि 'पूरी यात्रा के दौरान प्रियंका को भाई के साथ लाने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई है। हालांकि, इस बारे में अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। चूंकि यात्रा के ठीक बाद लोकसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में कई बातों का ध्यान रखना है।'
सीडब्ल्यूसी की बैठक में यात्रा निकालने पर चर्चा
'भारत जोड़ो यात्रा' के पहले संस्करण में प्रियंका कुछ जगहों पर राहुल गांधी के साथ दिखाई दी थीं। यात्रा के दौरान सोनिया गांधी, पार्टी के अन्य नेता एवं हस्तियां राहुल के साथ आई थीं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पार्टी की शीर्ष नीति निर्धारण इकाई कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में गत बृहस्पतिवार को अगले लोकसभा चुनाव के लिए ठोस रणनीति बनाने पर जोर दिया और यह प्रस्ताव रखा कि राहुल गांधी पूर्व से पश्चिम की ओर दूसरे चरण की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ निकालें, क्योंकि पार्टी के नेता एवं कार्यकर्ता लंबे समय से यह मांग कर रहे हैं।
'मैं निर्णय आप सभी पर छोड़ता हूं’
खरगे की अध्यक्षता में हुई बैठक में कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और कार्य समिति के विभिन्न सदस्यों ने शिरकत की। बैठक में दिए गए अपने संबोधन में कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘पिछले कई महीनों से पार्टी के सभी नेता और कार्यकर्ता एक स्वर में लगातार एक मांग मेरे सामने रखते रहे हैं कि राहुल गांधी जी पूर्व से पश्चिम की ओर ‘भारत जोड़ो यात्रा’ निकालें। मैं कार्यसमिति में राहुल जी के समक्ष यह बात रखता हूं और निर्णय आप सभी पर छोड़ता हूं।’
