103 Redeveloped Railway Stations : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को देश भर में नए सिरे से तैयार किए गए 103 रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन करेंगे। मरम्मत कार्य के बाद इन रेलवे स्टेशनों का नया रूप और रंग मिला है और ये नए कलेवर में दिख रहे हैं। इन स्टेशनों के पुनर्निर्माण से भारतीय रेलवे और आधुनिक हुई है। खास बात यह है कि जिन रेलवे का पुनर्निर्माण हुआ है, रेलवे उनकी पहले की और निर्माण कार्य पूरा होने के बाद की तस्वीर साझा की है। महाराष्ट्र, तमिलनाडु और गुजरात सहित 18 राज्यों के इन रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत होगा।
इन स्टेशनों का उद्घाटन पीएम राजस्थान के बीकानेर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए करेंगे। 18 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के 86 जिलों में रेलवे की इस महात्वाकांक्षी परियोजना को 1,100 करोड़ रुपए की लागत से पूरा किया गया है।

Railway Station
बता दें कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देश भर में 1,300 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास हो रहा है। इनमें कर्नाटक के पांच रेलवे स्टेशन शामिल हैं। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, कोप्पल जिले में मुनिराबाद, बेलगावी जिले में बगलकोट, गडग, गोकक रोड और धारवाड़ उन पांच स्टेशनों में शामिल हैं जिन्हें अमृत भारत स्टेशन योजना (एबीएसएस) के तहत विकसित किया जाना है।

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रेलवे के एक बयान में कहा गया है कि एबीएसएस के तहत 1,300 से अधिक स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं के साथ पुनर्विकास किया जा रहा है, जिन्हें क्षेत्रीय वास्तुकला को प्रतिबिंबित करने और यात्री सुविधाओं को बढ़ाने के लिए डिजाइन किया गया है।
पीएम पश्चिम बंगाल में तीन पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन करेंगे। तीन स्टेशन - पानागढ़, कल्याणी घोषपाड़ा और जॉयचंडी पहाड़ - उन 103 अमृत भारत रेलवे स्टेशनों में शामिल हैं। पानागढ़ और कल्याणी घोषपाड़ा पूर्वी रेलवे के अधिकार क्षेत्र में हैं, जबकि जॉयचंडी पहाड़ दक्षिण पूर्वी रेलवे का हिस्सा है।

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अधिकारियों ने बताया कि इन मौजूदा रेलवे स्टेशनों का नई यात्री सुविधाओं और सौंदर्यीकरण के साथ पूर्ण नवीनीकरण किया गया है। एसईआर के एक अधिकारी ने एक बयान में कहा, ‘यात्री सुविधाओं को बढ़ाने, पहुंच में सुधार लाने और टिकाऊ डिजाइन को शामिल करने पर ध्यान केंद्रित करते हुए, ये उन्नयन न केवल यात्रा के अनुभव को बेहतर बनाएगा बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास में भी योगदान देगा।’अधिकारी ने बताया कि इस योजना के तहत पश्चिम बंगाल में कुल 100 रेलवे स्टेशनों का विकास किया जा रहा है।
