प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ के लिए पांच फरवरी को प्रस्तावित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दौरा रद्द कर दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री प्रयागराज नहीं जाएंगे। हालांकि, अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि मेला क्षेत्र में भगदड़ की घटना के बाद यह फैसला लिया गया है।
वीआईपी व वीवीआईपी के प्रोटोकॉल पर प्रतिबंध
महाकुंभ मेले में भारी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए प्रदेश सरकार ने अमृत स्नान और सभी प्रमुख स्नान पर्वों पर विशिष्ट और अति विशिष्ट व्यक्तियों (वीआईपी व वीवीआईपी) के प्रोटोकॉल पर प्रतिबंध लगा दिया है। सरकार द्वारा जारी बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अमृत स्नान और प्रमुख स्नान पर्वों पर तथा इसके समीप की तिथियों पर मेला प्रशासन किसी प्रकार का वीआईपी प्रोटोकॉल लागू नहीं करेगा। उल्लेखनीय है कि महाकुंभ मेला-2025 के प्रारंभ में ही योगी सरकार ने अमृत स्नान और प्रमुख स्नान पर्वों पर तथा उसके एक दिन पहले और एक दिन बाद की तिथियों पर विशिष्ट व्यक्तियों का आवागमन रोकने को लेकर एक सर्कुलर जारी किया था।
बयान के मुताबिक, इस पहल से आम श्रद्धालु विशिष्ट व्यक्तियों के आने-जाने के कारण होने वाली असुविधा से चिंता मुक्त होकर मेला क्षेत्र में घूम फिर सकेंगे।
ऐसे में, बसंत पंचमी, माघी पूर्णिमा और महाशिवरात्रि को और इसके एक दिन पहले एवं एक दिन बाद तीर्थराज प्रयागराज में आवागमन के इच्छुक विशिष्ट और अति विशिष्ट व्यक्तियों को प्रोटोकॉल नहीं मिल सकेगा। सरकार के मुताबिक, सर्कुलर में यह भी स्पष्ट किया गया है कि वीआईपी एवं वीवीआईपी के आवागमन को लेकर एक सप्ताह पहले ही सूचना उपलब्ध करानी होगी।
हालांकि, प्रदेश सरकार ने भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयास और तेज कर दिए। इस बीच, बृहस्पतिवार को भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का मेला क्षेत्र में आना जारी है। मंगलवार देर रात हुई भगदड़ की घटना का यहां आ रहे श्रद्धालुओं पर कोई खास असर दिखाई नहीं दे रहा और वे मोक्ष पाने की अभिलाषा में स्नान घाट की ओर बढ़ रहे हैं। प्रदेश सरकार के मुताबिक, गुरुवार को शाम चार बजे तक 1.77 करोड़ लोगों ने गंगा और संगम में डुबकी लगाई।
