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पासीघाट हिंसा मामला : सर्च वारंट में पत्रकार का नाम, प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने की अरुणाचल पुलिस की निंदा

प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने कहा कि हिंसा और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं किसी आंदोलन की कवरेज कर रहे पत्रकारों को डराने-धमकाने का बहाना नहीं हो सकतीं। उसने पुलिस से मांग की कि यह सुनिश्चित किया जाए कि रीना जैसे पत्रकारों को केवल अपना काम करने के लिए परेशान न किया जाए।

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पासीघाट हिंसा मामले में पुलिस ने की है कार्रवाई।

Tongam Rina : बीते 23 अक्टूबर को पासीघाट में हुई हिंसा मामले में वरिष्ठ पत्रकार टोंगम रीना को नामजद करते हुए उनके नाम से सर्च वारंट निकाले जाने पर प्रेस क्लब ऑफ इंडिया (PCI) ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। पीसीआई ने कहा है कि अरुणाचल प्रदेश पुलिस की इस कार्रवाई से वह 'हैरान' है। पीसीआई ने प्रेस की आजादी पर इसे एक 'गंभीर' खतरा बताया है। अपने एक बयान में PCI ने कहा कि 'द अरुणाचल टाइम्स' की डिप्टी एडिटर रीना का नाम बिना किसी ठोस वजह या हिंसा से किसी भी तरह के संबंध के शामिल किया गया है।

PCI ने सियांग बांध परियोजना के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शनों की रिपोर्टिंग कर रहे पत्रकारों को राज्य प्रशासन की ओर से डराने-धमकाने और परेशान करने की तमाम कोशिशों की भी कड़ी निंदा की।

क्लब ने कहा कि हिंसा और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं किसी आंदोलन की कवरेज कर रहे पत्रकारों को डराने-धमकाने का बहाना नहीं हो सकतीं। उसने पुलिस से मांग की कि यह सुनिश्चित किया जाए कि रीना जैसे पत्रकारों को केवल अपना काम करने के लिए परेशान न किया जाए। क्लब ने पर्यावरण, राजनीति और राज्य में प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर रीना की रिपोर्टिंग के रिकॉर्ड का भी हवाला दिया।

26 लोगों को हिरासत में लिया गया

पुलिस ने सोमवार को बताया कि 23 अक्टूबर को अरुणाचल प्रदेश के पासीघाट में सियांग नदी पर प्रस्तावित विशाल बांध के विरोध में बुलाए गए बंद के दौरान हुई हिंसा के सिलसिले में पांच नाबालिगों समेत 26 लोगों को हिरासत में लिया गया है। ईस्ट सियांग के पुलिस अधीक्षक पंकज लांबा ने एक बयान में कहा कि इस मामले में आठ आपराधिक केस दर्ज किए गए हैं और छह लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।

गिरफ्तार किए गए लोगों में बांध विरोधी कार्यकर्ता भी शामिल

गिरफ्तार किए गए लोगों में बांध विरोधी कार्यकर्ता एबो मिली और युवा नेता ओतुल जेरांग भी शामिल हैं। दोनों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया था। पुलिस ने बताया कि कानूनी प्रावधानों के तहत पांचों नाबालिगों की पहचान उजागर नहीं की गई है। भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें से एक मामले में सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की धारा 3 भी लगाई गई है।

12 घंटे के बंद के दौरान बड़े पैमाने पर हुई हिंसा

आरोपों में गैरकानूनी जमावड़ा, दंगा, सरकारी कर्मचारियों के काम में बाधा डालना, आपराधिक साजिश और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना शामिल है। पुलिस के बयान के मुताबिक, पूछताछ के लिए हिरासत में लिए गए छह लोगों में से चार की पहचान सादिन मोदी, कालेम पेरमे, मिलो पर्टिन और कांगकिलिंग मेगू के रूप में हुई है। ये गिरफ्तारियां प्रस्तावित विशाल बांध के विरोध में संगठनों की ओर से बुलाए गए 12 घंटे के बंद के दौरान बड़े पैमाने पर हुई हिंसा के बाद की गई हैं। यह बंद सियांग, अपर सियांग और ईस्ट सियांग जिलों के कुछ हिस्सों में रखा गया था। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग पहले के विरोध प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तार किए गए कार्यकर्ताओं की रिहाई थी।

पुलिस ने आंसू-गैस के गोले छोड़े

अपर सियांग जिले के गेकू के पास दिते दिमे में सुरक्षा बलों द्वारा प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के इस्तेमाल की खबरों के बाद तनाव और बढ़ गया। इस घटना के बाद चार महिलाओं को गेकू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। हालांकि, करीब दो घंटे तक चिकित्सकीय निगरानी में रखने के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। पुलिस ने सोशल मीडिया पर मौतों को लेकर किए जा रहे दावों को खारिज किया था। इसके बाद पासीघाट में हुई हिंसा के दौरान हाई रीजन इलाके में स्थित नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन (NHPC) के कार्यालय में आग लगा दी गई। एक पुलिस थाने पर हमला किया गया और कई वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया।

राज्य बीजेपी अध्यक्ष कलिंग मोयोंग और पासीघाट पश्चिम के विधायक निनोंग एरिंग के आवासों में भी तोड़फोड़ की गई। आदि समुदाय के शीर्ष संगठन आदि बाने केबांग के कार्यालय को भी निशाना बनाया गया। झड़पों के दौरान पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के घायल होने की भी खबर है।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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