Prashant Kishor slams Bageshwar Baba: जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की वकालत करने को लेकर आध्यात्मिक नेता आचार्य धीरेंद्र शास्त्री उर्फ बागेश्वर बाबा पर सोमवार को जमकर निशाना साधा। दरभंगा में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे किशोर से आचार्य धीरेंद्र शास्त्री के हाल के गोपालगंज दौरे के बारे में सवाल किया गया था, जहां उन्होंने भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने के लिए संविधान संशोधन का आह्वान किया था।
कहा- चीजें बाबाओं के दरबार में तय नहीं होतीं
इस पर किशोर ने कहा, देश संविधान में निर्धारित सिद्धांतों से चलता है, न कि बाबाओं के हुक्म से। बेशक, लोकतंत्र में सभी को अपने विचार व्यक्त करने की स्वतंत्रता है। जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने कहा, हालांकि यह याद रखना चाहिए कि देश को चलाने वाले कानून संसद में बनाए जाते हैं, जिसके सदस्य जनता द्वारा चुने जाते हैं। चीजें बाबाओं के दरबार में तय नहीं होतीं।
उन्होंने इस तथ्य को अधिक तवज्जो नहीं दिया कि केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के कुछ नेता बाबा के रुख का समर्थन कर रहे हैं और उन्हें उम्मीद है कि इससे पार्टी को चुनावी लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि संविधान, महात्मा गांधी के विवेक से निर्देशित है और यह स्पष्ट रूप से कहता है कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश होगा। किसी बाबा की बातों का गांधी की बातों से अधिक महत्व नहीं है।
लोगों ने संविधान में अपनी आस्था फिर से जताई
किशोर ने कहा, पिछले साल के लोकसभा चुनाव में देश के लोगों ने संविधान में अपनी आस्था फिर से जताई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दिन-रात कहते रहते हैं कि वे संविधान से बंधे हैं। अगर भाजपा के धर्मांधों में हिम्मत है तो वे संसद के अंदर हिंदू राष्ट्र के पक्ष में बोलें। किशोर ने भाजपा विधायक हरि भूषण ठाकुर बचौल की भी आलोचना की, जिन्होंने मुसलमानों को होली पर घर के अंदर रहने और शुक्रवार की नमाज अदा करने के लिए बाहर आकर उत्सव को बाधित न करने की सलाह दी थी।
किशोर ने सवाल किया, क्या यह भाजपा विधायक के बाप का राज का नियम है। क्या वह खुद को लाट साहब समझते हैं जो फरमान जारी कर सकते हैं? यह केवल लोग ही तय कर सकते हैं कि किसी दिन घर से बाहर निकलना है या नहीं। जन सुराज पार्टी के संस्थापक किशोर ने यह भी दावा किया, बिहार के मुसलमान हमारी पार्टी की ओर बहुत उम्मीद से देख रहे हैं। वे राष्ट्रीय जनता दल से तंग आ चुके हैं, जिसने वर्षों से भाजपा को रोकने के झूठे वादे के साथ उनके वोट मांगे हैं। लालटेन (राजद का चुनाव चिह्न) को जलाए रखने के लिए समुदाय का ईंधन की तरह इस्तेमाल किया गया है।
