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पहले चुनाव में हार, अब प्रज्वल रेवन्ना को अदालत से लगा एक और झटका; बढ़ा दी गई SIT हिरासत

Prajwal Revanna Case: महिलाओं के यौन शोषण के आरोपों का सामना कर रहे जनता दल-सेक्युलर (जद-एस) के निलंबित नेता प्रज्वल रेवन्ना की एसआईटी हिरासत 10 जून तक के लिए बढ़ा दी गई है। इससे पहले 31 मई को प्रज्वल को छह जून तक के लिए विशेष जांच दल की हिरासत में भेज दिया गया था।

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अदालत ने बढ़ाई प्रज्वल रेवन्ना की एसआईटी हिरासत।

Photo : Times Now Digital

Crime News: बेंगलुरु की एक अदालत ने कई महिलाओं से बलात्कार और यौन शोषण के आरोपों का सामना कर रहे जद(एस) के पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना की एसआईटी हिरासत बृहस्पतिवार को 10 जून तक के लिए बढ़ा दी। निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की एक विशेष अदालत के समक्ष रेवन्ना को पेश किया गया, जिसने 31 मई को उसे छह जून तक के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) की हिरासत में भेज दिया था।

अदालत ने बढ़ा दी एसआईटी हिरासत

जनता दल सेक्युलर (जद-एस) के प्रमुख और पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा का पोता रेवन्ना (33) हाल में संपन्न लोकसभा चुनाव में हासन सीट से हार गया। बृहस्पतिवार को अदालत से कहा गया कि जांच के सिलसिले में उसे हिरासत में रखने की जरूरत है, जिसके बाद अदालत ने उसकी एसआईटी हिरासत बढ़ा दी।

एसआईटी ने सबूत जुटाने और आरोपी से विस्तारपूर्वक पूछताछ के लिए अतिरिक्त समय मांगा। एसआईटी अधिकारियों ने 31 मई को जर्मनी से कैम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पहुंचते ही रेवन्ना को गिरफ्तार कर लिया था। वह हासन सीट पर मतदान के एक दिन बाद 27 अप्रैल को जर्मनी चला गया था।

जद (एस) से निलंबित प्रज्वल रेवन्ना हासन सीट से हारे

महिलाओं के यौन शोषण के आरोपों का सामना कर रहे जनता दल-सेक्युलर (जद-एस) के निलंबित नेता एवं हासन से उम्मीदवार प्रज्वल रेवन्ना मंगलवार को अपनी सीट नहीं बचा सके और 42,649 मतों के अंतर से हार गए। इस सीट पर कांग्रेस के श्रेयस एम पटेल विजेता रहे। प्रज्वल को 6,30,339 वोट मिले, जबकि पटेल को 6,72,988 वोट मिले।

जद (एस) के संरक्षक एवं पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के पोते प्रज्वल (33) ने राजग उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था। छब्बीस अप्रैल को हासन में चुनाव होने के बाद प्रज्वल के खिलाफ महिलाओं के यौन शोषण के आरोप सामने आने के पश्चात जद (एस) ने उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया था। वह फिलहाल मामलों की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) की हिरासत में हैं।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

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