Union Budget 2026 : यूनियन बजट 2026 पर विपक्षी दलों ने प्रतिक्रिया दी है। तृणमूल कांग्रेस के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि बजट कैसा है, यह उन्हें समझ में नहीं आया। अभिनेता ने कहा कि वह इस बजट को कोई नंबर नहीं देना चाहेंगे। वहीं कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि बजट 2026/27 के बारे में जो भारी माहौल बनाया गया था, उसके मुकाबले यह कहीं कमतर रहा है। यह पूरी तरह फीका साबित हुआ। बजट आवंटन को लेकर कोई भी स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को आम बजट 2026 पेश किया। इस बजट में कई क्षेत्रों के लिए बड़ी घोषणाएं की गई हैं। इनमें देश में सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की घोषणा भी शामिल है।
यह पूरी तरह फीका साबित हुआ-रमेश
कांग्रेस नेता रमेश ने कहा कि 'दस्तावेजों का विस्तार से अध्ययन किया जाना अभी बाकी है लेकिन 90 मिनट बाद ही यह स्पष्ट हो गया है कि बजट 2026/27 के बारे में जो भारी माहौल बनाया गया था, उसके मुकाबले यह कहीं कमतर रहा है। यह पूरी तरह फीका साबित हुआ। भाषण भी पारदर्शी नहीं था, क्योंकि इसमें प्रमुख कार्यक्रमों और योजनाओं के लिए बजट आवंटन को लेकर कोई भी स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।'
भाजपा के बजट से भी कोई उम्मीद नहीं करनी चाहिए-अखिलेश
वहीं, समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि 'जब भाजपा सरकार से ही कोई उम्मीद नहीं है, तो उसके बजट से भी किसी तरह की उम्मीद नहीं की जा सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक पेश किए गए बजट केवल 5 प्रतिशत लोगों के हित में बनाए गए हैं, जबकि देश की बड़ी आबादी, जिनमें गरीब, किसान और युवा शामिल हैं, वह लगातार उपेक्षित रही है। सपा प्रमुख ने कहा कि गरीब की समझ से परे है ये बजट। वे बोले- ये ही हाल रहा तो लोहे पर पीतल चढ़ा कर जेवर बनाने पड़ेंगे।'
देश में होगा 7 नए रेल कॉरिडोर का निर्माण
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट 2026 पेश करते हुए कई बड़ी घोषणाएं की हैं। इन्हीं धोषणाओं में से एक है हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का निर्माण। वित्त मंत्री ने देश भर में सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाए जाने की घोषणा की है। ये सात कॉरिडोर मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-चेन्नई, हैदराबाद-बेंगलुरु, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी, वाराणसी-सिलीगुड़ी हैं। इन शहरों के बीच हाई-स्पीड ट्रेनें दौड़ेंगी।
राष्ट्रपति के बाद केंद्रीय कैबिनेट से लेंगी बजट पर मंजूरी
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण राष्ट्रपति भवन पहुंचीं और बजट पर राष्ट्रपति द्रौपदी की मंजूरी ली। राष्ट्रपति से मंजूरी लेने के बाद वह इसे लेकर कैबिनेट के पास गईं। कैबिनेट की बैठक में बजट को मंजूरी दी गई। इससे पहले दही खिलाकर राष्ट्रपति ने वित्त मंत्री को शुभकामनाएं दीं।
