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Rajasthan Congress में सियासी संकट जारी, सोनिया गांधी के फैसले पर टिकी सबकी नजर

  • Agency by: Agency
  • Updated Oct 1, 2022, 07:25 AM IST

Congress Crisis in Rajasthan: राजस्थान में सियासी संकट लगातार गहरा रहा है। सीएम बदलेगा या नहीं इसे लेकर सस्पेंस बना हुआ है। इस बीच कांग्रेस में अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं। खड़गे की वाइल्ड कार्ड एंट्री के बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर चुनाव का दिखावा करने का आरोप लगाया है।

KEY HIGHLIGHTS
  • राजस्थान में सीएम बदलेगा या नहीं? सोनिया करेंगी फैसला
  • एडवाइजरी के बाद भी राजस्थान में नहीं थम रही है तकरार
  • गहलोत कैंप ने पायलट को गद्दार कहा, पायलट समर्थकों ने भी पलटवार किया

Rajasthan Congress News: राजस्थान में कांग्रेस का सियासी संकट गहरा गया है। कांग्रेस नेताओं ने दावा किया है कि सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) जल्द ही राजस्थान में मुख्यमंत्री पद को लेकर फैसला करेंगी। लेकिन इससे पहले गहलोत गुट (Ashok Gehlot) और पायलट गुट (Sachin Pilot) में तकरार तेज हो गई है। सियासी लड़ाई अब सड़क पर भी दिखने लगी है। साथ ही नेता एक दूसरे के खिलाफ जमकर बयानबाजी करने लगे हैं। जबकि कांग्रेस आलाकमान की ओर से बयानबाजी ना करने की नसीहत दी गई है लेकिन विधायक और नेता मानने को तैयार नहीं हैं। गहलोत समर्थकों ने सचिन पायलट पर गंभीर आरोप लगाए हैं जबकि पायलट समर्थकों की ओर से युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने की वकालत की जा रही है।

पायलट समर्थकों की नारेबाजीराजस्थान में सीएम पद को लेकर चल रही टेंशन की झलक दिल्ली में भी देखने को मिली। जब कांग्रेस कांग्रेस अध्यक्ष के नामांकन के दौरान खड़के के प्रस्तावक के तौर पर अशोक गहलोत कांग्रेस ऑफिस पहुंचे तो वहां पायलट समर्थकों ने जमकर नारेबाजी की। साथ ही आलाकमान से सचिन पायलट को राजस्थान का मुख्यमंत्री बनाने की मांग भी की। जहां एक तरफ देश की सबसे पुरानी पार्टी में नयापन लाने के लिए अध्यक्ष का चुनाव हो रहा है और नामांकन के बाद कुर्सी के तीन दावेदार सबके सामने हैं। वहीं कांग्रेस की आपसी फुट्टव्वल भी किसी से छिपी नहीं है।

मुश्किल होगा फैसला लेना

अध्यक्ष पद की लड़ाई के बीच कांग्रेस के सामने राजस्थान में चल रहे संकट का समाधान करना है। सवाल सीएम पद को लेकर है क्योंकि गहलोत की माफी के बाद भी मामला सुलझा नहीं है। दूसरी ओर सचिन पायलट कैंप भी पूरी तरह एक्टिव नज़र आ रहा है। ऐसे में आगे क्या होगा इस पर सस्पेंस बना हुआ है। हालांकि अशोक गहलोत पद का मोह छोड़ने का राग अलाप कर सबकुछ ठीक होने का दावा कर रहे हैं लेकिन अंदर खाने क्या खिचड़ी पक रही है इसका अंदाजा 10 जनपथ को भी नहीं है।गहलोत की अपनी दलील है तो सचिन पायलट भी टेक ऑफ करने का बेताबी से इंतजार कर रहे हैं। कांग्रेस भले ही जल्द फैसला करने का दावा कर रही है लेकिन राजस्थान में जो हालात हैं और जिस तरह तकरार चल रही है, उससे ये भी साफ है कि इस समस्या का समाधान इतना आसान नहीं होने वाला है।
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