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पीएम मोदी ने खरीदी भगवान जगन्‍नाथ की मूर्ति, UPI के जरिए किया डिजिटल पेमेंट; इंटरनेट पर छाया VIDEO

PM Modi Use UPI: पीएम मोदी ने डिजिटल पेमेंट के जरिए भगवान जगन्‍नाथ की कलाकृति खरीदी। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र के वर्धा में राष्ट्रीय ‘पीएम विश्वकर्मा’ कार्यक्रम प्रदर्शनी में भगवान जगन्नाथ की मूर्ति खरीदी और डिजिटल तरीके से भुगतान किया।

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पीएम मोदी ने डिजिटल पेमेंट के जरिए की खरीदारी।

Viral Video of PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के वर्धा में राष्ट्रीय 'पीएम विश्वकर्मा कार्यक्रम प्रदर्शनी' के दौरान भगवान जगन्नाथ की मूर्ति खरीदी। खास बात यह है कि पीएम मोदी ने डिजिटल पेमेंट के जरिए खरीदारी की। इसका वीडियो भी सामने आया है।

पीएम मोदी ने UPI से किया पेमेंट

दरअसल, पीएम मोदी विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित करने के बाद 'पीएम विश्वकर्मा कार्यक्रम प्रदर्शनी' में गए। जहां कारीगरों और शिल्पकारों ने अपने उत्पाद प्रदर्शित किए। इस दौरान पीएम मोदी ने उनसे बातचीत की और एक शिल्पकार से भगवान जगन्नाथ की कलाकृति खरीदी। उन्होंने क्यूआर कोड को स्कैन करके यूपीआई के जरिए कलाकृति को डिजिटल भुगतान करके खरीदी।

मोदी ने पूछा- पेमेंट मिल गया क्या?

वीडियो में पीएम मोदी शिल्पकार से पूछ रहे हैं कि आपसे मुझे क्या खरीदना चाहिए। इसके बाद कारीगर पीएम मोदी को भगवान जगन्नाथ की कलाकृति खरीदने के लिए कहता है। पीएम मोदी यूपीआई के जरिए भुगतान करते हैं, उनसे पूछते हैं कि पेमेंट मिल गया क्या?

प्रधानमंत्री मोदी के मूर्ति खरीदने और डिजिटल भुगतान करने का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया यूजर्स प्रधानमंत्री मोदी के इस कदम की सराहना कर रहे हैं।

कांग्रेस पर जमकर बरसे पीएम मोदी

इससे पहले पीएम मोदी ने वर्धा में पीएम विश्वकर्मा योजना की पहली वर्षगांठ के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर बड़ा प्रहार किया। पीएम मोदी ने कहा कि ये वो कांग्रेस नहीं है, जिससे कभी महात्मा गांधी जैसे महापुरुष जुड़े थे। ये वो कांग्रेस है, जिसे टुकड़े-टुकडे़ गैंग और अर्बन नक्सल के लोग चला रहे हैं।

पीएम मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस पार्टी में आस्था और संस्कृति का जरा सा भी सम्मान होगा वो पार्टी कभी गणपति पूजा का विरोध नहीं कर सकती। आज की कांग्रेस को गणपति पूजा से भी नफरत है। महाराष्ट्र की धरती गवाह है कि आजादी की लड़ाई में लोकमान्य तिलक के नेतृत्व में गणपित उत्सव भारत की एकता का उत्सव बन गया था। गणेश उत्सव में हर एक समाज और हर वर्ग के लोग एक साथ जुड़ते थे। इसलिए कांग्रेस पार्टी को गणपति पूजा से भी चिढ़ है।

उन्होंने आगे कहा कि मैं गणेश पूजन कार्यक्रम में चला गया, तो कांग्रेस के तुष्टिकरण का भूत जाग उठा। कांग्रेस गणपति पूजा का विरोध करने लगी। तुष्टिकरण के लिए कांग्रेस कुछ भी कर रही है। कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार ने गणपति बप्पा को ही सलाखों के पीछे डाल दिया। गणपति की जिस मूर्ति की लोग पूजा कर रहे थे, पुलिस वैन में कैद करवा दिया। देश गणपति जी के अपमान को देखकर आक्रोशित है। मैं हैरान हूं कि इस पर कांग्रेस के सहयोगी के मुंह पर भी ताला लग गया है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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