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लालकृष्ण आडवाणी के आवास पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जन्मदिन की दी बधाई

PM Modi Meets Lal krishna Advani: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के पूर्व उपप्रधानमंत्री व भाजपा नेता लाल कृष्णा आडवाणी से उनके आवास पर मुलाकात की और उन्हें जन्मदिन की बधाई दी।

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लालकृष्ण आडवाणी के जन्मदिन पर पीएम मोदी ने की मुलाकात।

Photo : Twitter

PM Modi Meets Lal krishna Advani: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी के जन्मदिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे मुलाकात की है। पीएम मोदी ने इसकी तस्वीरें भी शेयर की हैं। उन्होंने अपने 'एक्स' हैंडल पर तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, 'आडवाणी जी के निवास पर जाकर उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं।' इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालकृष्ण आडवाणी के जन्मदिन पर एक पोस्ट भी शेयर किया था।

उन्होंने पहले लिखा था, लालकृष्ण आडवाणी जी को जन्मदिन की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। यह वर्ष और भी खास है क्योंकि इसी साल उन्हें राष्ट्र के उत्कृष्ट सेवा के लिए ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया। भारत के सबसे प्रशंसित राजनेताओं में से एक आडवाणी ने देश के विकास को आगे बढ़ाने के लिए खुद को समर्पित किया। बुद्धिमत्ता और समृद्ध अंतर्दृष्टि के लिए उनका हमेशा सम्मान किया गया है। मेरा सौभाग्य है कि मुझे कई वर्षों तक उनका मार्गदर्शन प्राप्त रहा। मैं उनके लंबे और स्वस्थ जीवन के लिए प्रार्थना करता हूं।

97 साल के हुए आडवाणी

भारत रत्न से सम्मानित आडवाणी की गिनती देश के वरिष्ठतम नेताओं में होती है। वह शुक्रवार को 97 साल के हो गए। आडवाणी का जन्म कराची (पाकिस्तान) में 1927 में हुआ था। वह 2002 से 2004 तक अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार में उपप्रधानमंत्री थे। आडवाणी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के स्वयंसेवक के रूप में की थी। 2015 में आडवाणी को भारत के दूसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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