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Mann Ki Baat: पीएम मोदी ने 113वीं बार की 'मन की बात', जानें किन-किन विषयों का किया जिक्र

Mann Ki Baat: पीएम मोदी देशवासियों से 113वीं बार मन की बात की। प्रधानमंत्री ने इससे पहले पिछली महीने 'मन की बात' की थी, जिसका प्रसारण पिछली बार 28 जुलाई 2024 को प्रसारित किया गया था। उन्होंने पिछली बार पेरिस ओलिंपिक, मैथ्स ओलंपियाड, टाइगर डे, वनों के संरक्षण पर बात की थी।

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पीएम मोदी के 'मन की बात'

Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मासिक रेडियो प्रसारण, 'मन की बात' आज रविवार (25 अगस्त, 2024) को प्रसारित हुआ। पीएम मोदी 113वीं बार देशवासियों से 'मन की बात' की। मन की बात (Mann Ki Baat) प्रधानमंत्री मोदी का मासिक रेडियो कार्यक्रम है, जहां वह भारत के नागरिकों के साथ महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करते हैं। मन की बात कार्यक्रम के जरिए आम लोगों से लेकर बड़े नेताओं ने पीएम मोदी के विचारों को सुनते हैं। नीचे पढ़िए पीएम मोदी ने क्या कुछ कहा।

पीएम मोदी ने 'हर घर तिरंगा' अभियान का किया जिक्र

'हर घर तिरंगा और पूरा देश तिरंगा' इस बार ये अभियान अपनी पूरी ऊंचाई पर रहा। देश के कोने-कोने से इस अभियान से जुड़ी अद्भुत तस्वीरें सामने आई हैं। हमने घरों पर तिरंगा लहराते देखा - School, College, University में तिरंगा देखा। लोगों ने अपनी दुकानों, दफ्तरों में तिरंगा लगाया, लोगों ने अपने Desktop, Mobile और गाड़ियों में भी तिरंगा लगाया। इस अभियान ने पूरे देश को एक सूत्र में बांध दिया है और यही तो 'एक भारत- श्रेष्ठ भारत' है।

तिनसुकिया जिले के छोटे से गांव बारेकुरी के बारे में क्या बोले?

असम में तिनसुकिया जिले के छोटे से गांव बारेकुरी में, मोरान समुदाय के लोग रहते हैं और इसी गांव में रहते हैं 'हूलॉक गिबन', जिन्हें यहां 'होलो बंदर' कहा जाता है। हूलॉक गिबन्स ने इस गांव में ही अपना बसेरा बना लिया है। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि इस गांव के लोगों का हूलॉक गिबन के साथ बहुत गहरा संबंध है। गांव के लोग आज भी अपने पारंपरिक मूल्यों का पालन करते हैं। इसलिए उन्होंने वो सारे काम किए, जिससे गिबन्स के साथ उनके रिश्ते और मजबूत हों।

अरुणाचल प्रदेश के युवा साथी के पशु प्रेम की कहानी बताई

पशुओं के प्रति प्रेम में हमारे अरुणाचल प्रदेश के युवा साथी भी किसी से पीछे नहीं हैं। अरुणाचल में हमारे कुछ युवा-साथियों ने 3-D printing technology का उपयोग करना शुरू किया है - जानते हैं क्यों? क्योंकि वो, वन्य जीवों को सींगों और दांतों के लिए शिकार होने से बचाना चाहते हैं। नाबम बापू और लिखा नाना के नेतृत्व में ये टीम जानवरों के अलग-अलग हिस्सों की 3-D printing करती है।

झाबुआ के पार्क में कचरे से अद्भुत Art Works किया तैयार

मध्य-प्रदेश के झाबुआ में कुछ ऐसा शानदार हो रहा है, जिसे आपको जरूर जानना चाहिए। वहां पर हमारे सफाई-कर्मी भाई-बहनों ने कमाल कर दिया है। इन भाई-बहनों ने हमें 'Waste to Wealth' का संदेश सच्चाई में बदलकर दिखाया है। इस टीम ने झाबुआ के एक पार्क में कचरे से अद्भुत Art Works तैयार किया है।

राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस को लेकर क्या बोले मोदी?

'मन की बात' के 113वें एपिसोड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, '23 अगस्त को देश ने पहला राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस मनाया, जिसमें चंद्रयान-3 की सफलता का जश्न मनाया गया। पिछले साल इसी दिन चंद्रयान-3 ने चांद के दक्षिणी हिस्से में शिव-शक्ति बिंदु पर सफलतापूर्वक लैंडिंग की थी।'

प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त समारोह का किया जिक्र

पीएम मोदी ने मन की बात में कहा कि इस साल मैंने लाल किले से बिना Political background वाले एक लाख युवाओं को Political system से जोड़ने का आह्वाहन किया है। मेरी इस बात पर जबरदस्त प्रतिक्रिया हुई है। इससे पता चलता है कि कितनी बड़ी संख्या में हमारे युवा, राजनीति में आने को तैयार बैठे हैं। बस उन्हें सही मौके और सही मार्गदर्शन की तलाश है।

मन की बात सुन रहे हैं BJP अध्यक्ष जेपी नड्डा

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा और अन्य भाजपा नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' को सुनते हुए।

यूपी के डिप्टी सीएम सुन रहे मन की बात

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और अन्य पार्टी कार्यकर्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' सुनते हुए।

पिछली बार इन विषयों पर की थी बात

प्रधानमंत्री मोदी ने इससे पहले 28 जुलाई को मन की बात की थी। 112वें संस्करण में पीएम मोदी ने पेरिस ओलिंपिक, मैथ्स ओलंपियाड, असम मोइदम, टाइगर डे, वनों के संरक्षण और स्वतंत्रता दिवस पर बात की थी।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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