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PM Modi की Mann Ki Baat का 100वां एपिसोड: जानिए ग्राउंड रिपोर्ट, क्या कहती है जनता

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Apr 30, 2023, 10:59 AM IST

प्रधानमंत्री मोदी का खास कार्यक्रम मन की बात (Mann Ki Baat) का 100वां एपिसोड का प्रसारण हो रहा है। यहां जानिए ग्राउंड रिपोर्ट, आखिर जनता क्या कह रही है।

KEY HIGHLIGHTS
  • 'मन की बात' कार्यक्रम का 100वां एपिसोड
  • 3 अक्टूबर 2014 से लगातार जारी है 'मन की बात'
  • 22 भाषाओं में एक साथ प्रसारित होता है कार्यक्रम

प्रधानमंत्री मोदी का खास रेडियो कार्यक्रम मन की बात (Mann Ki Baat) आज एक नया इतिहास रचने जा रहा है। 'मन की बात' प्रोग्राम का आज 100 वां एपिसोड है। हर महीने के आखिरी रविवार को होने वाले इस 30 मिनट के कार्यक्रम की शुरुआत 3 अक्टूबर 2014 को हुई थी। इस कार्यक्रम की लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि एक स्टडी के मुताबिक 100 करोड़ लोग कम से कम एक बार इस कार्यक्रम को जरूर सुन चुके हैं और कम से कम 23 करोड़ लोग तो इसे हर महीने सुनते ही हैं। ये कार्यक्रम 22 भाषाओं में एक साथ प्रसारित होता है।

  • पहला एपिसोड- 3 अक्टूबर 2014
  • 25वां एपिसोड- 30 अक्टूबर 2016
  • 50वां एपिसोड - 25 नवंबर 2018
  • 75वां एपिसोड- 28 मार्च 2021
  • 100वां एपिसोड- 30 अप्रैल 2023

'मन की बात' 100वें एपिसोड पर पीएम का ट्वीट किया कि ये वास्तव में एक स्पेशल यात्रा रही, हमने भारत के लोगों की भावना का जश्न मनाया, प्रेरणा देने वाले लोगों के जीवन पर प्रकाश डाला।

बिल ऐंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन द्वारा कराए गए अध्ययन से प्राप्त जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रेडियो कार्यक्रम मन की बात एक प्रेरणादायक मंच में बदल गया है जो सतत विकास की प्राथमिकता वाले विषयों को प्रोत्साहित करता है और यह सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में भारत के प्रयासों के लिए महत्वपूर्ण है।

'मन-की-बात : ए डिकेड ऑफ रिफ्लेक्शन' शीर्षक से किए गए अध्ययन में कहा गया कि वर्ष 2014 में प्रसारण शुरू होने के यह सरकार के नागरिकों तक पहुंचने के कार्यक्रम का अहम स्तंभ बन गया है। रिपोर्ट में कहा गया कि अध्ययन का उद्देश्य वर्ष 2014 से 2023 के बीच प्रसारित मन -की-बात की 99 कड़ियों की मात्रात्मक और गुणात्मक विश्लेषण करना था साथ ही चर्चा के प्रमुख विषयगत क्षेत्रों की पहचान करना था।

रामानुज सिंह
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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